कानपुर। उत्तर प्रदेश स्पोर्ट्स कॉलेज की प्रवेश प्रक्रिया वाली सोसायटी एक बार फिर से गलत नीतियों के चलते शायद चर्चा में आ गयी है। इस बार राज्य के तीन स्पोर्ट्स कॉलेजों में छात्रों के लिए आयोजित की प्रवेश प्रक्रिया में धांधली के आरोप सोसायटी पर लगाए गए हैं।प्रदेश के तीन स्पोर्टस कालेजों गुरु गोबिंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज (लखनऊ), वीर बहादुरसिंह स्पोर्ट्स कॉलेज (गोरखपुर) और सैफई स्पोर्ट्स कॉलेज (सैफई) में प्रवेश नए छात्रों के लिए प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। जिसके लिए खेल निदेशालय ने बीती 3 से 8 अप्रैल के बीच परीक्षण भी आयोजित किए गए थे और उनके परिणाम अभी तक जारी नही किए जा सके हैं। खेल विभाग के सूत्रों के
आधार पर छात्रों के लिए, परीक्षण मूल रूप से 15 से 20 मार्च के बीच होने
वाले थे, लेकिन ‘अपरिहार्य परिस्थितियों’ के कारण पुनर्निर्धारित कर दिए
गए थे। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक गुरु गोविंद सिंह स्पोर्ट्स
कॉलेज के एक पूर्व अधिकारी ने छात्रों और उनके अभिवावकों को यह जानकारी
साझा की है कि परिणामों में जान बूझकर देरी की जा रही है क्योंकि अंतिम
समय में उन छात्रों को समायोजित करने का कार्य किया जा रहा है जो
प्राथमिक परीक्षा भी उत्तीर्ण करने में असफल रहे थे। उनसे मिली जानकारी
के बाद शायद अभिवावकों को खेल विभाग पर अंगुली उठाने का अवसर मिल गया है। एक अभिभावक ने खेल विभाग के एक अधिकारी पर भी आरोप लगाया है कि बस्ती नगर के खेल अधिकारियों में से एक ने उनके बेटे का प्रवेश सुनिश्चित करने के
लिए रिश्वत की मांग की थी। उन्होंने खेल विभाग के अधिकारियों को एक भर्ती
प्रक्रिया का बड़ा रैकेट चलाने वाला दल बताया है। चयनकर्ता उस उम्मीदवार को कौशल और शारीरिक परीक्षण में नंबर देते हैं जिसको वह अंतिम सूची में शामिल करने के लिए प्रेषित किए गए है । अभिवावक ने जोर देकर कहा है कि यह प्रक्रिया राज्य स्तर के परीक्षणों में भी जारी रहती है। उन्होंनें खेल विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा है कि इन स्पोर्ट्स कॉलेजों को तत्काल प्रभाव से बंद कर देना चाहिए यदि परिणाम प्रभावशाली नहीं हैं तो प्रत्येक छात्र पर पूरे प्रवास के दौरान लगभग 2 लाख रुपये खर्च करना बर्बादी की ओर इशारा कर रहा है। एक सवाल का जवाब देते हुए
उत्तर प्रदेश स्पोर्ट्स कॉलेज सोसायटी के कार्यवाहक सचिव और गुरु गोबिंद
सिंह स्पोर्ट्स कालेज के अधिकारी ने उम्मीद जताई कि परिणाम एक या दो दिन
में घोषित कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा, “इस साल से, हमने सब कुछ ऑनलाइन
कर दिया है, इसलिए किसी भी तरह की धांधली का कोई सवाल ही नहीं है। हमने
नतीजों की तैयारी के लिए जिम्मेदार कंपनी से संपर्क किया है और उम्मीद है
कि एक ही दिन में नतीजे छात्रों को उनके भविष्यं में ध्यान रखकर कर दिए
जाएंगे।”










