संवाददाता।
कानपुर। नगर में चर्चित कुशाग्र-अपहरण हत्याकांड में आज कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ आरोप तय होना था। लेकिन इसी बीच आरोपी ट्यूशन टीचर रचिता के अधिवक्ता ने केस लड़ने से इनकार करते हुए अपना वकालतनामा वापस लेने के लिए कोर्ट में अपील की है। इसके चलते तीनो आरोपियों के खिलाफ आरोप तय नहीं हो सके। अब मामले की 24 अप्रैल को सुनवाई होगी। 30 अक्टूबर 2023 को आचार्य नगर निवासी कपड़ा कारोबारी मनीष कनोडिया के बेटे हाईस्कूल में पढ़ने वाले कुशाग्र (16 वर्ष) का अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। रायपुरवा पुलिस ने जांच की तो जानकारी मिली कि कुशाग्र की ट्यूशन टीचर रचिता वत्स ने अपने प्रेमी प्रभात शुक्ला व उसके दोस्त शिवा गुप्ता उर्फ आर्यन के साथ घटना को अंजाम दिया था। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को अरेस्ट करके जेल भेज दिया था। मामले में रायपुरवा पुलिस जांच पूरी करके कोर्ट में अपनी चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। कुशाग्र अपहरण-मर्डर केस एडीजे सात आजाद सिंह की कोर्ट में विचाराधीन है। शनिवार को तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोप तय होने थे, लेकिन रचिता वत्स के अधिवक्ता श्रीकांत दीक्षित ने अपना वकालतनामा वापस लेने की अर्जी कोर्ट में दाखिल की। जिस कारण आरोपियों पर आरोप तय नहीं हो सके। कोर्ट ने मामले में सुनवाई की अगली तिथि 24 अप्रैल निर्धारित की है।










