April 20, 2026

संवाददाता 

कानपुर।  मानवता का परिचय देते हुए सेंट्रल स्टेशन पर जीआरपी इंस्पेक्टर ने एक व्यक्ति को मौत के मुंह से निकाल लिया। एक बुजुर्ग को अचानक प्लेटफार्म पर गिरता देख इंस्पेक्टर जीआरपी दौड़कर पहुंचे। उसे उठाने की कोशिश की, लेकिन जैसे ही लगा कि उसे दिल का दौरा पड़ा है, उन्होंने उसे सीपीआर दिया। इस प्रयास से उसकी जान बच गई।
बुजुर्ग व्यक्ति एक समय बिल्कुल अचेत हो गया था, लेकिन कुछ ही मिनट बाद उसकी स्थिति ठीक हुई। उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया। घटना का पूरा सीसीटीवी सामने आया है। 
स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर जीआरपी थाना से बाईं तरफ एक बुजुर्ग व्यक्ति पैदल जा रहा था, तभी वह अचानक जमीन पर गिर गया। उधर सामने से ही इंस्पेक्टर जीआरपी ओम नारायण सिंह जा रहे थे। जैसे ही उन्होंने व्यक्ति को गिरते हुए देखा, तो वह उसकी तरफ दौड़े। उसे उठाया, हिलाया, लेकिन वह अचेत हो गया था। तभी उन्होंने जल्दी से पानी मंगाया। कुछ ही देर में इंस्पेक्टर को लगा कि उसे दिल का दौरा पड़ा है और उसके हाथ-पैर ठंडे पड़ गए हैं। बुजुर्ग व्यक्ति के हाथ पैर ढीले पड़ गए थे उन्होंने तुरंत ही उस व्यक्ति को सीपीआर देना शुरू किया। ओम नारायण सिंह ने बताया कि कुछ मिनट बाद ऐसा लगा कि जैसे व्यक्ति की सांसें नहीं चल रही हैं, लेकिन लगातार कोशिश के बाद करीब 10 मिनट में उस बुजुर्ग व्यक्ति ने आंखें खोलीं। उसके हाथ-पैर ढीले पड़ चुके थे।
ओम नारायण सिंह ने बताया कि जब व्यक्ति जमीन पर गिरा, तो सबसे पहले प्लेटफॉर्म पर बने मधुराज अस्पताल के सेंटर पर सूचना दी गई, लेकिन वहां के डॉक्टर किसी अन्य मरीज को देखने गए थे। इसलिए उन्होंने खुद ही प्रयास जारी रखा। जैसे ही व्यक्ति की आंखें खुलीं, तब तक डॉक्टर भी आ गए और उसे अस्पताल भेज दिया गया।
बुजुर्ग व्यक्ति की जेब से एक आईडी कार्ड मिला, जो रेलवे का था। उसमें गंगा चरण वर्मा नाम लिखा था, पोस्ट टीटीआई और सेक्शन टूंडला अंकित था। इस आधार पर रेलवे अधिकारियों को सूचना दे दी गई। हालांकि कार्ड पर जारी करने का वर्ष 2019 और वैधता 2024 तक लिखी थी। इस संबंध में रेलवे की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि वह व्यक्ति वर्तमान में कर्मचारी है या पूर्व कर्मचारी।