
संवाददाता
कानपुर। शहर के यातायात की रफ्तार को नया आयाम देने के लिए कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर-2 के सीएसए से बर्रा-8 का काम अब निर्णायक चरण में पहुँच गया है। सीएसए परिसर में निर्माणाधीन डिपो में 570 मीटर लंबे अत्याधुनिक टेस्ट ट्रैक का निर्माण कार्य विधिवत रूप से आरंभ कर दिया गया। इसी ट्रैक पर मेनलाइन पर उतरने से पहले मेट्रो ट्रेनों की कड़ी अग्निपरीक्षा होगी।
डिपो के भीतर बन रहे इस टेस्ट ट्रैक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे पूरी तरह मेनलाइन की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। यहाँ ट्रेनों की सुरक्षा और सुगमता सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक सिग्नलिंग, 4 रेडियो एक्सेस एंटीना, 4 सिग्नल और 4 एक्सल काउंटर हेड लगाए जाएंगे। ट्रैक पर 2 प्लेटफॉर्म भी विकसित किए जा रहे हैं ताकि वास्तविक परिचालन जैसी परिस्थितियों में मूल्यांकन हो सके।
कॉरिडोर-2 डिपो में कुल 15 ट्रैक बनाए जा रहे हैं। इनमें 4 स्टेबलिंग, 4 शंटिंग, 2 वर्कशॉप, 2 इंस्पेक्शन और कोच अनलोडिंग व पिट व्हील के लिए 1-1 ट्रैक शामिल हैं। वर्तमान में 7 ट्रैकों का निर्माण पूरा हो चुका है। खास बात यह है कि कॉरिडोर-2 के लिए प्रस्तावित 10 में से 5 ट्रेनें पहले ही डिपो में पहुँच चुकी हैं।
यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने बताया कि ट्रेनों के रखरखाव के लिए 15 मीटर ऊंचा अत्याधुनिक वर्कशॉप तैयार किया जा रहा है। ऊर्जा संरक्षण के लिए यहाँ सोलर पैनल और वेंटिलेशन के लिए एचवीएलएस फैन व टर्बो वेंटिलेटर लगाए जा रहे हैं।
वर्तमान में कॉरिडोर-1 के आईआईटी से कानपुर सेंट्रल पर मेट्रो सफलतापूर्वक दौड़ रही है। अब कॉरिडोर-2 और कॉरिडोर-1 के शेष हिस्से पर सिविल निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है, जिससे जल्द ही पूरे शहर को मेट्रो की कनेक्टिविटी का लाभ मिल सकेगा।






