February 10, 2026

संवाददाता
कानपुर। 
जीएसवीएस मेडिकल कॉलेज में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होने के साथ ही कानपुर में प्रदेश का दूसरा किडनी ट्रांसप्लांट का सबसे बड़ा सेंटर बनने जा रहा है। इस सुविधा का लाभ न सिर्फ कानपुर शहर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश और आसपास के जिलों के मरीजों को मिलेगा।
अब तक किडनी ट्रांसप्लांट के लिए मरीजों को केजीएमयू लखनऊ या फिर दिल्ली-मुंबई जैसे बड़े शहरों के महंगे प्राइवेट अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता था। नई सुविधा शुरू होने पर मरीजों को स्थानीय स्तर पर इलाज उपलब्ध हो सकेगा।
किडनी स्पेशलिस्ट डॉ. युवराज गुलाटी ने बताया कि पीएमएसएसवाई अस्पताल में रोजाना 15 से 20 मरीज किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत के साथ ओपीडी में आते हैं। उन्होंने कहा कि किडनी रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और बहुत बड़ी संख्या में लोगों को ट्रांसप्लांट की आवश्यकता होती है।
वर्तमान में सीमित सेंटर होने के कारण मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है, जबकि आर्थिक बोझ भी बढ़ जाता है।
प्राइवेट अस्पतालों में किडनी ट्रांसप्लांट पर करीब 7 से 10 लाख रुपए तक का खर्च आता है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में यह सुविधा शुरू होने से मरीजों को बहुत कम लागत में उपचार मिल सकेगा। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
साथ ही केजीएमयू लखनऊ पर बढ़ते भार में भी कमी आएगी और मरीजों को लंबी दूरी तय करने की मजबूरी से छुटकारा मिलेगा।
जानकारी के अनुसार पीएमएसएसवाई अस्पताल की चौथी मंजिल पर 6 बेड का किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट  तैयार किया गया है। यहां पहले से ही डायलिसिस, प्लाज्मा थेरेसिस, सीआरआरटी और एडीएफ जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए जल्द ही ट्रांसप्लांट क्लिनिक की भी शुरुआत की जाएगी।
इससे किडनी रोगियों के लिए जांच से लेकर ट्रांसप्लांट और पोस्ट-ऑपरेशन केयर तक समग्र सुविधा एक ही स्थान पर मिल सकेगी।
माना जा रहा है कि विभिन्न विभागीय और कागजी प्रक्रियाओं को पूरा करने में करीब एक से डेढ़ महीने का समय लग सकता है। इसके बाद किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर, मॉड्यूलर ओटी और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगभग तैयार है।
सुविधा शुरू होते ही कानपुर और आसपास के जिलों के हजारों मरीजों को बड़ा फायदा मिलेगा। अभी करीब 18 जिलों के मरीज यहां पर इलाज के लिए आते हैं। इस सेंटर के बनने के बाद प्रदेश के बाहर के भी मरीज यहां पर इलाज प्राप्त कर पाएंगे। 

Related News