April 18, 2026

संवाददाता 
कानपुर।
दिन पर दिन बढ़ती जा रही गर्मी का असर अब चिड़ियाघर के बेजुबान जानवरों पर भी दिखने लगा है। गर्मी की भीषण तपिश से राहत दिलाने के लिए कानपुर चिड़ियाघर प्रशासन ने खास इंतजाम किए हैं। 

प्राणी उद्यान प्रशासन ने गैंडे के लिए कीचड़ का तालाब तैयार किया है, भारी-भरकम शरीर वाले राइनो को गर्मी सबसे ज्यादा प्रभावित करती है। इसे देखते हुए जू प्रबंधन ने उनके बाड़े में मड बाथ की व्यवस्था की है, जहां गैंडा कीचड़ में लोटकर खुद को ठंडा रखता है। 

विशेषज्ञ डॉ. नासिर के अनुसार, गीली मिट्टी शरीर पर चिपककर एक सुरक्षात्मक परत बना देती है, जिससे गैंडे के शरीर का तापमान लंबे समय तक नियंत्रित रहता है और उसे गर्मी से राहत मिलती है।

जबकि हिरन और शेरों के बाड़ों में पानी की फुहारों के जरिए ठंडक पहुंचाई जा रही है।
हिरणों को राहत देने के लिए उनके बाड़े में पानी का फ्लो बढ़ा दिया गया है। वॉटर टैंकों में लगातार ताजा पानी भरा जा रहा है, जिससे वे ठंडक महसूस कर सकें। गर्मी के चलते हिरण ज्यादातर समय पेड़ों की छांव में झुंड बनाकर बैठे नजर आ रहे हैं, वहीं बाड़े के पास बने मोट में जमा पानी में जाकर वे खुद को तरोताजा कर रहे हैं।
वन्यजीवों के बाड़ों में लगाए गए स्प्रिंकलर से निकलने वाली महीन पानी की बूंदें वातावरण को ठंडा बना रही हैं। इससे तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक कम हो रहा है। शेर समेत अन्य जानवर इन फुहारों के बीच मस्ती करते नजर आ रहे हैं, जिससे उमस भरी गर्मी में भी उन्हें राहत मिल रही है।
चिड़ियाघर में आने वाले पर्यटकों की सुविधा का भी खास ख्याल रखा गया है। टाइगर एन्क्लोजर के सामने बने ग्रासलैंड में स्प्रिंकलर चलाए जा रहे हैं, जिससे आसपास का इलाका ठंडा बना रहता है। यहां पर पर्यटक कुछ देर रुककर आराम कर सकते हैं और बिना ज्यादा गर्मी महसूस किए वन्यजीवों को देखने का आनंद ले सकते हैं।