
संवाददाता
कानपुर। हंसपुरम के आवास विकास 3सी सेक्टर में हालात ऐसे हैं कि महज कुछ देर की बूंदाबांदी से ही सड़कों पर जलभराव हो गया। बारिश की हल्की सी आहट ने ही नगर निगम और आवास विकास के दावों की पोल खोलकर रख दी है।‘स्मार्ट सिटी’ के दावों के बीच यहां के लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।
स्थानीय निवासी अनुज त्रिपाठी का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। जब से यह इलाका बसा है और डामर की सड़क बनी है, तभी से लोग जलभराव की समस्या झेल रहे हैं। यहाँ की सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है। अनुज के मुताबिक, दो दिन पहले नगर आयुक्त से शिकायत की गई थी, लेकिन अधिकारियों की ओर से सिर्फ ‘टालामटोली’ ही देखने को मिली। एक्सईएन का कहना है कि टेंडर हो चुका है, लेकिन काम कब शुरू होगा, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
जलभराव की स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि तेज बारिश होते ही पानी लोगों के घरों में घुस जाता है। स्थानीय निवासी संजय दीक्षित ने बताया कि उन्होंने 15 दिन पहले पार्षद को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन उनसे भी सिर्फ “देखते हैं, बन जाएगी” जैसा आश्वासन मिला।
अब हालात यह हैं कि गंदा पानी घर में न घुसे, इसके लिए उन्होंने दरवाजे पर ईंटों की अस्थायी दीवार बना ली है।
क्षेत्र में 11मुखी हनुमान मंदिर और भोले जी का मंदिर स्थित हैं। ओम कुमार और विकास त्रिपाठी का कहना है कि यह मुख्य मार्ग है, जहां से रोजाना सैकड़ों लोग गुजरते हैं। श्रद्धालु मंदिर जाने के लिए निकलते हैं, लेकिन बारिश के दौरान उन्हें मेनहोल के गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। इससे लोगों में भारी नाराजगी है और ‘सबका साथ, सबका विकास’ के दावे पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संजय दीक्षित और ओम कुमार का कहना है कि आसपास की गलियों और पार्कों में इंटरलॉकिंग का काम कराया गया है, लेकिन इस मुख्य सड़क को नजरअंदाज कर दिया गया। लोगों का आरोप है कि पार्षद ने यह तक कहा कि इस ब्लॉक से उन्हें पर्याप्त वोट नहीं मिले। इसी वजह से 500 से 600 लोगों की आबादी वाला यह क्षेत्र उपेक्षा का शिकार है।
लोगों का कहना है कि तेज बारिश होते ही सड़क पर घुटनों तक पानी भर जाता है। ऐसे में न तो सब्जी वाले इलाके में आ पाते हैं और न ही फेरी वाले। बच्चों का स्कूल जाना भी मुश्किल हो जाता है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।






