April 20, 2026

• पार्टी ऑर्गनाइजर और ड्रग डीलर भेजे गए जेल।

संवाददाता 

कानपुर। पुलिस ने देर रात एक हाईप्रोफाइल रेव पार्टी में छापेमारी की। इस दौरान आईआईटी स्टूडेंट समेत 140 रईसजादे नशे में झूमते पाए गए। इनमें कानपुर के कई नामी इंस्टीट्यूट के अलावा दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के रहने वाले लड़के-लड़कियां थे।

ये रेव पार्टी एनआरआई सिटी के स्टेला नाओमी क्लब में चल रही थी। पुलिस ने यहां नशे में इस्तेमाल होने वाला एलएसडी, कोकीन, गांजा, चरस, क्रशर और हसीस समेत कई ड्रग्स बरामद किए हैं। पार्टी के ऑर्गनाइजर और ड्रग डीलर को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।

जांच में सामने आया है कि पार्टी का इनविटेशन इंस्टाग्राम के जरिए भेजा गया था। इस घटना के बाद पुलिस ने शहर के कई क्लबों में छापेमारी की। 

कानपुर पुलिस मादक पदार्थ के खिलाफ ऑपरेशन व्हाइट पाउडर चला रही है। इसे ट्रेनी आईपीएस सुमित सुधाकर रामटेके लीड कर रहे हैं।
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया- कुछ दिनों से इंस्टाग्राम पर स्टेला नाओमी होटल में सोनिक शिफ्ट नाम से पार्टी का इनविटेशन भेजा जा रहा था। इसकी एंट्री फीस एक हजार रुपए रखी थी। पार्टी में हाई प्रोफाइल ड्रग के इस्तेमाल की जानकारी पर एसओजी टीम को एक्टिव किया गया।
पुलिस टीम के दो मेंबरों ने बकायदा एंट्री फीस देकर पार्टी के पास लिए। इसके बाद देर रात पुलिस टीम के मेंबर पार्टी में दाखिल हुए। यहां हाई प्रोफाइल ड्रग्स एलएसडी, चरस, गांजा और शराब की पार्टी चल रही थी।
देर रात करीब 2:30 बजे सभी नशे में धुत थे। पार्टी में शामिल पुलिस के सदस्यों ने बैकअप टीम को जानकारी दे दी। इसके बाद छापेमारी कर पार्टी ऑर्गनाइजर और ड्रग डीलर को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने पार्टी ऑर्गनाइजर की पहचान मो. फरदीन उर्फ गुमटी के नाम से की, जो कि जाजमऊ का रहने वाला है। वहीं, ड्रग डीलर मोहित जायसवाल संत नगर चौराहे के पास का रहने वाला है। मोहित राजस्थान के पुष्कर से पार्टी में एलएसडी बेचने के लिए लाया था।
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया- मो. फरदीन लेदर का, जबकि मोहित जायसवाल हार्डवेयर कारोबारी है। एलएसडी नशे का खुमार सिर पर चढ़ाने के लिए पार्टी में बड़े-बड़े पोस्टर और प्रोजेक्टर लगे हुए थे।
पुलिस टीम ने मौके से 0.15 ग्राम एलएसडी, 23.47 ग्राम गांजा, 5.49 ग्राम चरस, 1.19 कोकीन, 0.60 ग्राम हसीस, 5 क्रशर, स्मोकिंग फिल्टर और 49 हजार कैश बरामद किया है।
मोहित जायसवाल पार्टी में शामिल लोगों को एक तरह का ड्रग्स एलएसडी दे रहा था। इसे लेने के बाद युवक-युवतियां मैदान के सेंटर प्वाइंट पर लगी एलईडी की ओर एकटक देख रहे थे। कुछ कछ देर में स्क्रीन पर चित्र बदल रहे थे। चित्र बदलने के साथ युवक-युवतियां डीजे की धुन पर झूम रहे थे।
पुलिस टीम के क्लब के अंदर पहुंचते ही भगदड़ मच गई। सारे लड़के-लड़कियां इधर-उधर भागने लगे। लेकिन, मेन गेट बंद होने की वजह से कोई बाहर नहीं निकल पाया। पार्टी में पहले से मौजूद पुलिसवालों ने मोहित जायसवाल और फरदीन की पहचान कर ली थी। दोनों की गिरफ्तारी के बाद बाकी लोगों को हिदायत देकर छोड़ दिया गया।
पुलिस छापे में पकड़ा गया ड्रग लाइसरजिक एसिड डाइएथिलामाइड बहुत तेज असर करने वाली नशीली दवा है। यह इंसान के दिमाग और सोचने-समझने की क्षमता बदल देती है। इसे खाने के बाद व्यक्ति को ऐसी चीजें दिखने और सुनाई देने लगती हैं, जो असल में नहीं होती हैं। इसे ‘ट्रिप’ कहा जाता है।
यह आमतौर पर कागज के छोटे टुकड़ों में ली जाती है। इसका असर 15-30 मिनट में शुरू होकर कई घंटों तक रह सकता है। इसके नशे में रंग, लाइट और स्क्रीन पर दिखने वाली चीजें बहुत ज्यादा चमकदार और अलग महसूस होती हैं। लोग इस दौरान म्यूजिक और रंगीन विजुअल्स ज्यादा पसंद करते हैं।