
संवाददाता
कानपुर। चर्चित हिस्ट्रीशीटर अजय ठाकुर ने त्रिलोकी धाम आश्रम के महंत पर हमला कर दिया। महंत को गंभीर चोटें आई हैं।
दोपहर में हिस्ट्रीशीटर की प्रेमिका अपने घर पर सीसीटीवी कैमरा लगवा रही थी, जिसका महंत रविकांत शुक्ला ने विरोध किया था। इसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी हो गई थी। बाद में प्रेमिका ने पूरी घटना की जानकारी अजय ठाकुर को दी, जिससे वह भड़क गया।
अजय ठाकुर अपने साथियों के साथ थार गाड़ी से आश्रम पहुंचा और गेट खुलवाया। जैसे ही महंत बाहर आए, आरोपियों ने उन्हें पकड़ लिया और बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद हमलावरों ने आश्रम परिसर में पत्थरबाजी भी की, जिससे वहां मौजूद लोग दहशत में आ गए।
बवाल की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन पुलिस को देखते ही आरोपी भागने लगे। पुलिस ने मौके से अजय ठाकुर के एक साथी ईशू को गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा भाजपा का झंडा लगी थार, बुलेट समेत कुल चार वाहन बरामद किए गए हैं।
महंत की शिकायत पर पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर अजय ठाकुर, उसकी प्रेमिका और उसकी मां के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
केशवपुरम राणा प्रताप नगर में स्थित त्रिलोकी धाम आश्रम के महंत रविकांत शुक्ला उर्फ भोला गिरी ने बताया कि मैं करीब 40 साल से इस आश्रम में रह रहा हूं। मेरे आश्रम के पास ही अजय ठाकुर की प्रेमिका रहती है, जो 12वीं की छात्रा है। अजय अक्सर उससे मिलने आता था, जिसका मैंने कई बार विरोध किया था। इसी बात को लेकर वह मुझसे नाराज था।
आज अजय अपने साथियों के साथ आश्रम पहुंचा और गेट खटखटाया। जैसे ही मैंने गेट खोला, सभी ने मुझ पर हमला कर दिया और गालियां देते हुए मुझे बुरी तरह पीटने लगे। किसी तरह मैं जान बचाकर आश्रम के कमरे में पहुंचा, लेकिन इस दौरान उन्होंने बाहर से पथराव भी किया।
मैंने तुरंत घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस के मौके पर पहुंचते ही आरोपी अपनी कार छोड़कर फरार हो गए। इसके बाद जब मैं पुलिस के साथ मेडिकल के लिए सीएचसी जा रहा था, तभी रामलला स्कूल के पास अजय के कुछ साथी मिल गए और उन्होंने मुझे जान से मारने की धमकी दी।
हिस्ट्रीशीटर अजय ठाकुर बर्रा इलाके का रहने वाला है। उसका अपराधों का लंबा रिकॉर्ड दर्ज है। पुलिस के अनुसार, अजय ठाकुर पर हत्या के प्रयास, रेप, लूट, पॉक्सो एक्ट और गुंडा एक्ट समेत करीब 32 मुकदमे दर्ज हैं। करीब 2 साल पहले हिस्ट्रीशीटर अजय ठाकुर सुर्खियों में आया था। वह अपनी गर्लफ्रेंड का जन्मदिन मनाने के लिए काले रंग की 12 स्कॉर्पियो गाड़ियों का काफिला लेकर निकाला था। काली फिल्म चढ़ी, बिना नंबर प्लेट और हूटर बजाती गाड़ियों के इस काफिले ने डीसीपी साउथ ऑफिस के पीछे स्टंट किए थे।
मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अजय ठाकुर को गिरफ्तार करने के लिए दबिश दी थी। इस दौरान वह छज्जे पर लटक गया और आत्महत्या की धमकी देने लगा। इतना ही अजय ने पुलिस टीम पर ईंट से हमला कर दिया और खुद के सिर पर भी ईंट मारकर घायल कर लिया। हालांकि, पुलिस ने किसी तरह से अजय को हिरासत में ले लिया था।
इसके बाद 28 जनवरी को अपना दल (एस) की रैली में हिस्ट्रीशीटर अजय ठाकुर और उसके साथियों ने पथराव करके लाठी-डंडों से हमला किया था। इसमें कई लोग घायल हुए थे। फिलहाल इस समय वह जमानत पर है।
बताया जा रहा है कि अजय ठाकुर की मुलाकात युवती से इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। सोशल मीडिया पर शुरू हुई बातचीत धीरे-धीरे नजदीकियों में बदल गई और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। इसी रिश्ते के चलते आश्रम के महंत पर हमला किया।
वहीं, हिस्ट्रीशीटर की प्रेमिका ने बताया कि वह अपने घर के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगवा रही थी। इसी बात का महंत ने विरोध किया, जिसके बाद उसने अजय ठाकुर को इसकी जानकारी दी थी।
एसीपी कल्याणपुर आशुतोष कुमार ने बताया कि महंत की तहरीर पर हिस्ट्रीशीटर अजय ठाकुर, ईशू यादव, नाबालिग प्रेमिका और उसकी मां समेत सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इनमें से एक आरोपी ईशू यादव को गिरफ्तार करके पूछताछ की जा रही है, जबकि बाकी फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।






