February 16, 2026

कानपुर। पैगम्बर हजरत मोहम्मद के जन्म दिन के अवसर पर कानपुर में छोटे बड़े सैकड़ों जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाले गये। इनमें सबसे प्रमुख परेड चौराहा से उठने वाला जुलूस-ए-मोहम्मदी अहम रहा। आयोजकों का दावा है कि यह एशिया का सबसे बड़ा जुलूस-ए-मोहम्मदी है और विगत 112 सालों से निकाला जा रहा है। जुलूस में लोगों ने उल्लास के साथ सहभागिता की और मौलवियों ने लोगों को संदेश दिया कि राष्ट्र की रक्षा करना हमारा पहला धर्म है। मोहसिने इंसानियत पैगंबर ए इस्लाम हजरत मोहम्मद की यौम-ए-पैदाइश (जन्मदिन) के मौके पर सोमवार को सभी कस्बे सहित महानगर में जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। इनमें सबसे बड़ा व ऐतिहासिक जुलूस-ए-मोहम्मदी परेड ग्राउंड से उठाया गया। इसका नेतृत्व नगर जमीअत उलमा ने किया और जमीअत उलमा के नगर अध्यक्ष डॉ. हलीम उल्लाह खान ने बताया कि विगत 112 सालों से परेड से जुलूस उठाया जाता है जो शहर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरता है। यह भी दावा किया गया कि यह एशिया का सबसे बड़ा जुलूस है। वहीं हजरत मोहम्मद के जन्म दिवस की खुशियों में लोग उल्लास में दिखें और जुलूसों में साउंड के साथ बेहतर लाइटिंग की व्यवस्था की गई थी। हर्षोल्लास एंव धूमधाम से मनाये जा रहे जुलूस-ए-मोहम्मदी में लोगों ने एक दूसरे को गले मिलकर पैगंबर हजरत मोहम्मद के जन्मदिन की बधाई दी। रास्ते में समाजसेवियों ने जुलूस में शामिल लोगों को जलपान वितरण कराया और शहर काजी एंव मौलवियों ने कुरान की आयतें पढ़ी। बताया गया कि आज के ही दिन इस्लाम धर्म के आखिरी पैगम्बर हजरत मोहम्मद का जन्म हुआ था। दुनिया में उनकी आमद को पूरे विश्व के लोग जश्न ए ईद मिलादुन्नबी के नाम से मनाते हैं।

हजरत मोहम्मद ने पूरी दुनिया में अमन शांति एवं भाईचारे का पैगाम दिया। लोगों को संदेश दिया गया कि राष्ट्र की रक्षा करना हमारा पहला कर्तव्य है। इसके साथ ही अपील की गई कि महिलाओं और बेटियों की सदैव रक्षा करना। समाज में दीन दुखियों की सेवा करने को पहला कर्तव्य बताया गया। यह भी कहा गया कि अपने आसपास किसी भी कीमत पर अराजकता न फैलने दें। कोई समस्या होने पर प्रशासन का फौरन सहयोग लें। जुलूस में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजामात किये गये थे। अपर पुलिस आयुक्त हरीश चन्दर ने बताया कि पीएसी की पांच टुकटियों को लगाया है। इसके अलावा करीब एक हजार से अधिक पुलिस बल तैनात है। जुलूस शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए आयोजक पदाधिकारियों के साथ पहले से ही बैठक कर ली गई थी और पूरी डिटेल पुलिस के पास है। सभी सीनियर अधिकारी भी मॉनिटरिंग कर रहे हैं और जुलूस में थाना प्रभारी सहित सेक्टरवार एसीपी भी चल रहे हैं। आयोजकों को हिदायत दी गई है कि शासन की गाइड लाइन के अनुसार ही जुलूस निकलना चाहिये। इसको लेकर आयोजक अपने वालंटियरों के जरिये जुलूस को शांतिपूर्वक संपन्न कराया। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर निगरानी की गई ताकि किसी प्रकार की अफवाह न फैल सके। वहीं जुलूस को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए शहर काजी यूनुस रजा ने पुलिस को आभार व्यक्त किया।

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