March 9, 2026

संवाददाता
कानपुर।
दिन पर दिन वातावरण में बढ़ रहे प्रदूषण के कारण फेफड़ों की समस्या आम होती जा रही हैं, लेकिन फेफड़ों की बीमारियों की पहचान अब घर बैठे ही संभव हो सकेगी।
आईआईटी कानपुर की इनक्यूबेटर स्टार्टअप वेदांत्रिक कंपनी ने ऐसा विशेष डिवाइस विकसित किया है, जो चंद मिनटों में फेफड़ों की स्थिति और उसमें मौजूद कमियों की जानकारी दे देगा।
कंपनी के परीक्षित हुड्डा ने बताया कि ये डिवाइस रोगियों के लिए क्रांतिकारी साबित हो सकती है, क्योंकि इसके जरिए बिना अस्पताल गए ही शुरुआती स्तर पर बीमारी का पता लगाया जा सकेगा।
परीक्षित हुड्डा ने बताया कि डिवाइस का नाम नोड्स रखा गया है। टीएफटी और पीएफटी टेस्ट कराने से जिन बीमारियों का पता चलता था, उनका पता अब ये डिवाइस ही बता देगी।
ये दोनों टेस्ट सामान्यतः अस्पतालों में कराए जाते हैं और मरीज को लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, लेकिन अब यह टेस्ट इस डिवाइस से कुछ सरल स्टेप्स के जरिए ही हो जाएगे।

परीक्षित हुड्डा ने बताया कि नोड्स डिवाइस के माध्यम से न केवल टेस्ट होंगे बल्कि मरीज अपनी स्थिति के अनुसार एक्सरसाइज और नेबुलाइजेशन की सुविधा भी ले सकेंगे।
इससे सांस से जुड़ी बीमारियों जैसे अस्थमा, क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज, एलर्जी और अन्य फेफड़ों की समस्याओं की समय रहते पहचान और प्रबंधन आसान हो जाएगा।
इस डिवाइस के उपयोग का तरीका बेहद सरल है। मरीज को केवल निर्धारित स्टेप्स का पालन करना होता है। कुछ ही मिनटों में टेस्ट के नतीजे मिल जाते हैं। खास बात यह है कि मरीज की रिपोर्ट सीधे मोबाइल या कंप्यूटर पर उपलब्ध हो सकती है, जिससे डॉक्टर को भी डेटा भेजना आसान हो जाता है।​
कंपनी का दावा है कि आने वाले समय में इस तकनीक का इस्तेमाल ग्रामीण क्षेत्रों और दूरदराज के इलाकों में भी किया जा सकेगा, जहां स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी रहती है। इस तरह यह डिवाइस आमजन को स्वास्थ्य सुरक्षा देने में अहम भूमिका निभाएगा।
वेदांत्रिक कंपनी का यह नवाचार स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। मेडिकल विशेषज्ञों का मानना है कि ये तकनीक न केवल समय और धन की बचत करेगी बल्कि मरीजों को शुरुआती अवस्था में ही गंभीर बीमारियों से बचाने में मदद करेगी।