May 14, 2026

कबूली ब्याज की रकम न मिलने पर हत्या करने की बात।

संवाददाता 

कानपुर। 8 मई को सवाई सिंह के हाते में होजरी कारोबारी की गोली मारकर हत्या करने वाले आरोपी की गंगा बैराज के पास पुलिस से मुठभेड़ हो गई। खुद को पुलिस से घिरा देखकर हत्यारोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी फायरिंग में आरोपी के पैर में गोली लगी। पुलिस ने घायल हत्यारोपी को गिरफ्तार करके  हैलट अस्पताल में भर्ती कराया है । उसके पास से पुलिस ने तमंचा बरामद किया है। 

होजरी कारोबारी विजय चौरसिया के हत्यारोपी विशाल गुप्ता ने अस्पताल मे ही ब्याज के रुपए न देने पर हुए विवाद के बाद हत्या करने की बात कबूली है। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि वह सवाई सिंह का हाता स्थित प्राॅपर्टी दिखाने के लिए उसे लेकर गया था। वहां धर्मशाला की छत पर दोनों के बीच पैसों को लेकर फिर झगड़ा हुआ।
हत्यारोपी ने बताया कि धर्मशाला की छत पर उसने विजय से एक बार फिर पैसे देने को कहा-जिस पर उसने इंकार कर दिया, विजय ने कहा कि पैसों की कोई लिखापढ़ी नहीं है, जो करना हो कर लो, मैं पैसे नहीं दूंगा। इसके बाद उसे गुस्सा आ गया और जैसे ही विजय सीढ़ियां उतरने लगा तभी उसने पीछे से सिर में गोली मार दी। पुलिस विशाल गुप्ता की मदद करने वालों पर कार्रवाई की तैयारी में है।
एडीसीपी शिवा सिंह ने बताया कि 8 मई को हुई वारदात के बाद सीसीटीवी फुटेज खंगालने में पता चला कि विशाल 6:32 पर विजय को स्कूटी में बिठाकर धर्मशाला की ओर जाते हुए कैद हुआ है। इसके बाद वह शाम 7 बजकर 20 मिनट पर विशाल धर्मशाला से अकेले निकल कर स्कूटी से जाता हुआ कैद हुआ। फीलखाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर उसकी तलाश की।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कोतवाली, फीलखाना, मूलगंज, कलक्टरगंज, हरबंशमोहाल समेत अन्य थानों का फोर्स लगाया गया। पुलिस की जांच में विशाल गुप्ता उन्नाव में स्कूटी से नजर आया। कानपुर और कन्नौज में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में वह दिखाई दिया। पुलिस ने उसके मददगारों के यहां दबिश देकर सफीपुर की सत्यवती समेत 11 लोगों को हिरासत में लिया था।
एडीसीपी पूर्वी ​शिवा सिंह ने बताया कि हत्या के बाद आरोपी विशाल अपने दोस्त बाबू सोनकर के पास जाता है। वहां से उसका दोस्त उसे उन्नाव भागने की सलाह देकर कुछ दिन बाद सरेंडर करने की बात कही। इसके बाद विशाल उन्नाव पहुंचा और वहां अपने परिचित के घर में कपड़े बदले। खाना पीना खाया और कुछ आ​र्थिक सहयोग लिया। इसके बाद कई स्थानों में जाकर पनाह ली।
एडीसीपी ने बताया कि विशाल गुप्ता ने कई लोगों को ब्याज पर रुपये दिए थे। वह पांच प्रतिशत पर हर महीने ब्याज वसूला करता था। विशाल गुप्ता ने पूछताछ में बताया कि उसने दोस्त होने की वजह से विजय कुमार को चार प्रतिशत पर ब्याज दिया था। शुरू में उसने तीन चार महीने ब्याज दिए, लेकिन फिर आना कानी करने लगा था।
पूरे खुलासे में पुलिस की कहानी में झोल भी नजर आया। विजय चाैरसिया की हत्या के दूसरे दिन एडीसीपी पूर्वी ने बताया था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में एक गोली फंसी मिली है, जो कि पिस्टल की है। इसके इतर एनकाउंटर के बाद उन्होंने कहा कि आरोपी ने 32 बोर के तमंचे से गोली मारी है, जिसे प्रयोगशाला भेजा गया है।
सिरकी मोहाल निवासी होजरी कारोबारी विजय कुमार चौरसिया की 8 मई शुक्रवार शाम सिर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनका शव सवाई सिंह का हाता के जर्जर मकान की सी​ढि़यों पर मिला था। वह घटना से पूर्व अपनी दुकान पर थे। उन्हें सामने के रेस्टोरेंट संचालक का बेटा विशाल गुप्ता स्कूटी से बिठाकर हाते के पास ले गया। सीसीटीवी कैमरे में हत्या के बाद भी वह अकेले की जाता हुए नजर आया था।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कोतवाली, फीलखाना, मूलगंज, कलक्टरगंज, हरबंश मोहाल समेत अन्य थानों का फोर्स लगाया गया था। एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह ने बताया कि पुलिस टीम को आरोपी विशाल के बिठूर से गंगा बैराज की ओर जाने की जानकारी मिली। पुलिस टीम ने घेराबंदी की, जिस पर आरोपी गंगा बैराज की ओर भागने लगा, जहां उसकी स्कूटी फिसल गई, जिस पर वह झाड़ियों में छिपने लगा।
पुलिस टीम के पीछा करने पर आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी, जवाबी फायरिंग में विशाल के बाएं पैर में गोली लगी। पुलिस ने मौके से तमंचा, स्कूटी बरामद कर आरोपी को हैलट अस्पताल में भर्ती कराया है।
सिरकी मोहाल के रहने वाले विजय चौरसिया की क्राइस्ट चर्च मार्केट के चूड़ी मार्केट में होजरी की दुकान है। परिवार में मां मीरा देवी, पत्नी नेहा और दो बच्चे वैभव व अनवी हैं। वैभव शीलिंग हाउस स्कूल में कक्षा 2 व अनवी कैंट के सेंट मैरी स्कूल में पहली कक्षा की छात्रा है। विजय के दो बड़े भाई अजीत व अजय हैं।
शिवाला खास बाजार में रहने वाले बड़े भाई अजय ने बताया- तीनों भाइयों की होजरी की अलग-अलग शॉप है। शुक्रवार को विजय दुकान पर था। तभी शाम करीब साढ़े छह बजे उसके पास एक कॉल आई। इस पर विजय ने दुकान में काम करने वाली युवती शिखा से कुछ देर में आने की बात कहते हुए ग्राहक को हैंडल की बात कही।
रात करीब 8:30 बजे सवई सिंह का हाता के पास स्थित तीन मंजिला धर्मशाला की पहली मंजिल में रहने वाली किराएदार रानी त्रिवेदी ने घर के पास रहने वाले युवक अन्नू को कॉल कर विजय की लाश मिलने की जानकारी दी। अन्नू ने विजय के बड़े भाई अजय को बताया। वह धर्मशाला पहुंचे तो विजय खून से लथपथ धर्मशाला की सीढ़ियों पर पड़ा हुआ था।
हत्या के बाद परिजन आनन-फानन में विजय को उर्सला अस्पताल लेकर पहुंचे थे, वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। घटना की जानकारी एडीसीपी पूर्वी मौके पर पहुंची थीं। धर्मशाला की पहली मंजिल में रानी त्रिवेदी, अलका शर्मा व बलराम पांडेय का परिवार किराए पर रहता है, जबकि जानकी कश्यप का परिवार ग्राउंड फ्लोर पर रहता है।
उस दिन पूछताछ के दौरान रानी ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने ऑरेंज कलर की शर्ट पहने एक युवक को भागते हुए देखा था। वहीं परिजनों ने घटनास्थल से महज 20 मीटर की दूरी पर रहने वाले ज्वैलर्स व रेस्टोरेंट संचालक सोमनाथ गुप्ता के बेटे विशाल पर हत्या का आरोप लगाया।
पुलिस विशाल के घर पहुंची, लेकिन वह फरार मिला। इसके बाद हाते में लगे फुटेज खंगाले गए, जिसमें एडीसीपी शिवा सिंह ने बताया कि फुटेज में विशाल, दुकानदार विजय के साथ स्कूटी से धर्मशाला में जाते हुए कैद हो गया है। विजय के परिजनों की तहरीर पर विशाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
एडीसीपी शिवा सिंह ने बताया कि होजरी दुकानदार की सिर पर पीछे से गोली मारी गई, सिर में बुलेट फंसी मिली है, जो कि पिस्टल की है। अत्यधिक खून बहने से मौत की पुष्टि हुई है।
वहीं हत्याकांड के विरोध में मंगलवार शाम करीब 7 बजे कानपुर उद्योग व्यापार मंडल के तत्वावधान में व्यापारियों ने कैंडल मार्च निकाला। कैंडल मार्च में मृतक की पत्नी हाथों में विजय की फोटो लेकर शामिल हुई। व्यापारियों ने हाथों में विजय के परिवार को न्याय दो… हत्यारों को फांसी दो… की तख्तियां लेकर जमकर नारेबाजी की।
बड़ा चौराहा पर व्यापारियों ने होजरी कारोबारी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान व्यापारियों ने विजय चौरसिया के नाम पर चूड़ी मार्केट का नामकरण करने की मांग की। कैंडल मार्च में रामेश्वर गुप्ता लाला भैया, सुरेश गुप्ता, कृपाशंकर त्रिवेदी, प्रदीप गुप्ता, निर्मल त्रिपाठी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष पवन गुप्ता, अमित दोसर, सीताराम गुप्ता, विजय रुद्रा समेत अन्य व्यापारी मौजूद रहे।
जांच में सामने आया कि आरोपी विशाल अय्याश किस्म का युवक है। वह शहर में चर्चित मादक पदार्थ तस्कर का खास गुर्गा बताया जा रहा है। विशाल गांजे और चरस लती था। इसके साथ ही मादक पदार्थ तस्कर के संपर्क में आने के बाद वह शहर में तस्करी भी करने लगा था।
सूत्रों के मुताबिक रेस्टोरेंट के सामने आर्टिफिशियल ज्वैलरी शॉप संचालक महिला विशाल की सरपरस्ती में मादक पदार्थों की ब्रिकी भी करती थी, जिसका विजय ने शुक्रवार सुबह विरोध भी किया था। पुलिस ने पूछताछ के लिए उसी महिला को उठाया है।