March 9, 2026

संवाददाता
कानपुर।
लखनऊ के विभूति खंड स्थित राज्य कर मुख्यालय में कानपुर से आए बुआ-भतीजे ने केबिन में घुसकर जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रमोद कुमार पर हमला कर दिया। अफसर के हाथ और पैर में चोटें आईं और खून बहने लगा।
चीख-पुकार सुनकर कर्मचारी उनके केबिन में पहुंचे और बुआ-भतीजे से डिप्टी कमिश्नर को बचाया। कर्मचारियों ने दोनों हमलावरों को दबोच लिया और पुलिस बुलाकर उनको सौंप दिया गया। 

आरोपियों का कहना है कि डिप्टी कमिश्नर ने एक केस में उनके विरोधी की सिफारिश की थी, इसलिए बदला लिया।
विपुल खंड निवासी प्रमोद कुमार राज्य कर मुख्यालय में डिप्टी कमिश्नर के पद पर तैनात हैं। लखनऊ में उनकी तैनाती है। प्रमोद कुमार ने बताया कि कानपुर बर्रा निवासी रानी निगम और उसका भतीजा इंद्रजीत निगम केबिन में घुस आए और अंदर आते ही दोनों गाली-गलौज करने लगे। प्रमोद कुमार ने गाली देने की वजह पूछी तो इंद्रजीत ने उन पर वार कर दिया। प्रमोद कुमार ने हाथ से रोकने की कोशिश की जिससे उनके हाथ पर चोट लगने से खून निकलने लगा।
इंद्रजीत और रानी के हमले से घबराए प्रमोद शोर मचाने लगे। डिप्टी कमिश्नर की आवाज सुनकर कर्मचारी दौड़े हुए आए। कर्मचारियों ने देखा कि आरोपी बुआ-भतीजा गाली देने के साथ डिप्टी कमिश्नर को मार रहे थे।
कर्मचारियों ने बीच-बचाव किया। कर्मचारियों को देखकर दोनों धमकी देते हुए भागने लगे, लेकिन दोनों दौड़ाकर पकड़ लिए गए।
इंस्पेक्टर विभूति खंड अमर सिंह ने बताया कि डिप्टी कमिश्नर प्रमोद कुमार पहले कानपुर में तैनात थे।जब  प्रमोद कानपुर में थे, उसी दौरान इंद्रजीत निगम कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर था। साल 2021 में उसने अपने एक रिश्तेदार पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था।
इंद्रजीत को शक है कि प्रमोद कुमार ने उस केस में उसके खिलाफ पैरवी की थी जिसकी वजह से इंद्रजीत उनसे रंजिश रखता था। इसी रंजिश में दोनों ने हमला किया। पुलिस ने आरोपी बुआ-भतीजे को गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज कर लिया है।