December 9, 2025

संवाददाता
कानपुर।
  एक सिपाही ने सहायता केन्द्र चलाने वाले युवक के साथ 34 हजार की धोखाधड़ी की। रुपए लेकर सिपाही गायब हो गया। पीड़ित ने उच्च अधिकारियों को शिकायत की तो बिठूर थाने में सिपाही के खिलाफ एफआईआऱ दर्ज हो गई। डीसीपी वेस्ट के मुताबिक आरोपी सिपाही को सस्पेंड कर दिया गया है। विवेचना पूरी कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गांव पैगूपुर बिठूर निवासी अभिषेक शर्मा का हिंगुपुर गांव में जन सेवा केन्द्र है। इसी में वो इंटरनेट और बुक स्टॉल भी चलाते हैं। अभिषेक के मुताबिक एक वर्दीधारी युवक जिसका नाम सुमित कुमार था। उनकी दुकान पर पहुंचा। वर्दी पर नेमप्लेट में भी यही नाम मौजूद था।
सिपाही सुमित कुमार ने अभिषेक से कहा कि मैं आपको नकद दे देता हूं। तुम हमारे गूगल पे पर पैसे डाल दोगे। किसी को ट्रांसफर करने हैं। इस पर अभिषेक ने हां कर दी और सिपाही के कहने पर उसके खाते में 34 हजार रुपए अपने दो बैंक खातों से यूपीआई के जरिए सिपाही को ट्रांसफर कर दिए। इसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खाते से 26 हजार और बैंक ऑफ इंडिया के खाते से 8 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए।
अभिषेक के मुताबिक काफी इंतजार करने के बाद सिपाही ने उससे कहा कि तुम्हें पैसा मिल जाएगा और जाने लगा। इस पर अभिषेक ने उसे रोका और वहीं पर पैसा देने के लिए कहा। अभिषेक ने कहा कि यह पैसे उसे बैंक में जमा करने हैं यही मूल रकम है। इसपर सिपाही ने उसे धमकी देते हुए कहा कि अभी गोली मारकर गंगा जी में डाल देंगे तो क्या कर लोगे।
अभिषेक के मुताबिक धमकी देने के बाद सिपाही ने अपना पुलिस कार्ड निकाला और उसे थमा दिया। सिपाही ने उससे कहा कि जब तक पैसे नहीं आ रहे हैं यह पुलिस कार्ड रख लो। दरोगाजी आकर पैसे देंगे। इसके बाद वो चला गया। कई दिन बीतने पर जब पैसे नहीं मिले तो अभिषेक अविनाश के साथ सिपाही के घर पहुंचा। वो किराए पर रहता था और वहां से मकान खाली कर गया।
अभिषेक के मुताबिक इसके बाद उसने थाने में और समाधान दिवस पर अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया। जिसके बाद बिठूर थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई।
डीसीपी वेस्ट दिनेश त्रिपाठी के मुताबिक सिपाही को निलम्बित कर दिया गया है। मामले में विवेचना की जा रही है। जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।