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ठण्ड बढने के साथ ही हैलट अस्पताल में स्किन के मरीजों की संख्या बढ़ी।

संवाददाता।
कानपुर। नगर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, हैलट अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों रोजाना स्किन के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। जैसे-जैसे ठंड बढ़ रही है, वैसे-वैसे मरीजों की समस्याएं भी बढ़ रही है। आपको बता दें कि इन दिनों स्केबीज, फंगस और सोरायसिस के मरीज अधिक संख्या में आ रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक जब-जब मौसम बदलता है तब तब यह समस्याएं देखने को मिलती हैं। अगर इसमें लापरवाही बरती तो मर्ज बढ़ भी सकता है। त्वचा रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. डीपी शिवहरे ने बताया, फंगस के लगभग 40% मरीज रोज ओपीडी में आ रहे हैं। फंगस इन्फेक्शन होने से आपके शरीर में लाल रंग के गोल-गोल चकत्ते पड़ जाते हैं फिर उनमें खुजली होती है। यह फंगस ऊपरी त्वचा पर ही रहता  हैं, लेकिन इसमें लापरवाही नहीं करनी चाहिए। यह मर्ज डेढ़ से दो महीने के अंदर खत्म हो जाता है, लेकिन अगर आपने घरेलू उपचार किया गया अथवा मेडिकल स्टोर से दवा लेनी शुरू की तो फिर यह बीमारी ठीक होने में 5 से 6 महीने का समय ले लेती है। ठंड के समय शरीर में एक बहुत ही सूक्ष्म रूप का कीड़ा होता है, जिससे स्केबीज की बीमारी हो जाती है। यह बीमारी होने से शरीर में छोटे-छोटे लाल रंग के दाने पड़ जाते हैं और इसमें खुजली बहुत होती है। यह बीमारी एक से दूसरे में पहुंचने में ज्यादा समय नहीं लेती है। अगर इस बीमारी से बचाना है तो रोजाना धुले और साफ कपड़े पहने। यदि परिवार में किसी एक के बीमारी है तो सभी को अपना इलाज शुरू कर देना चाहिए ताकि यह से दूसरे व्यक्ति में ना फैले। बालों में डैंड्रफ बढ़ने की शिकायत हर उम्र के लोगों में देखने को मिल रही है। चाहे वह बच्चा हो या बड़ा सभी को ठंड में इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि जब आपके बालों में नमी होगी तो फिर डेंड्रफ होना स्वाभाविक है। इस कारण नहाने के बाद अपने बालों को अच्छी तरह से सुखा ले। डॉ. डी.पी. शिवहरे ने बताया कि इस समय सोरायसिस के मरीज भी काफी बढ़ गए हैं। सोरायसिस एक ऐसी बीमारी है जो एक बार हो जाती है तो फिर जीवन पर्यंत यह बनी रहती है। इसमें शरीर में जगह-जगह लाल रंग के चकत्ते हो जाते हैं, जब सर्दी का मौसम आता है तो इसमें भूरी या सफेद रंग की पपड़ी बनने लगती है। इन दिनों सोरायसिस के मरीजों में यह समस्या बहुत अधिक देखने को मिल रही है। 

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