January 22, 2026

संवाददाता
कानपुर।
  सर्वोदय नगर स्थित रीजेंसी हॉस्पिटल में एक ट्रांसपोर्टर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। जांच तीन थाना क्षेत्रों—काकादेव, कल्याणपुर और पनकी—की सीमा में उलझकर रह गई है, जिससे परिजन न्याय की आस में भटक रहे हैं।
काकादेव पुलिस का कहना है कि ट्रांसपोर्टर को केवल रीजेंसी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था और मामला उनके क्षेत्र का नहीं है। वहीं कल्याणपुर पुलिस का दावा है कि तबीयत पनकी क्षेत्र में बिगड़ी थी, इसलिए जांच पनकी थाना करेगा। उधर पनकी पुलिस का कहना है कि अब तक उनके पास न तो कोई तहरीर आई है और न ही कोई शिकायत।
कानपुर देहात के यूपीएसआइडीसी रनियां जैनपुर निवासी मनीष यादव ट्रांसपोर्टर थे। परिवार में पत्नी अनामिका, बेटी पायल और बेटे करन व अर्जुन हैं। बड़े भाई सुनील कुमार यादव के मुताबिक मनीष चित्रकूट जाने की बात कहकर कार से घर से निकले थे।
एक अनजान नंबर से एक युवती का फोन आया। उसने बताया कि मनीष की हालत गंभीर है और वह रीजेंसी हॉस्पिटल में भर्ती हैं। कुछ देर बाद एक युवक ने भी यही जानकारी दी और तुरंत पहुंचने को कहा। परिजन बदहवास हालत में अस्पताल पहुंचे तो एंबुलेंस में मनीष का शव रखा मिला, जबकि उनकी कार अस्पताल के बाहर खड़ी थी।
परिजनों ने अस्पताल में गार्ड से पूछताछ की तो पता चला कि एक युवक और युवती मनीष को लेकर आए थे, लेकिन इसके बाद वे कहां गए, किसी को जानकारी नहीं है। सूचना पर काकादेव पुलिस मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज खंगाली, जिसमें युवक-युवती संदिग्ध हालत में मनीष को भर्ती कराते दिखे।
बड़े भाई सुनील का आरोप है कि मनीष के दोनों मोबाइल कार में स्विच ऑफ मिले हैं। साथ ही उनके बैंक खाते से ट्रांजेक्शन होने की भी जानकारी भी मिली है, जिससे परिजनों का शक और गहरा गया है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर विसरा सुरक्षित रख लिया गया है। 

काकादेव थाना प्रभारी राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि मामला कल्याणपुर थाना क्षेत्र का प्रतीत होता है और उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है।

कल्याणपुर इंस्पेक्टर राजेंद्रकांत शुक्ला के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मनीष पनकी निवासी महिला मित्र के घर जन्मदिन पार्टी में गए थे, जहां उनकी तबीयत बिगड़ गई। महिला मित्र उन्हें पनकी के एक निजी अस्पताल ले गई, जहां भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद उन्हें रीजेंसी हॉस्पिटल ले जाकर छोड़ दिया गया, जहां से महिला मित्र फरार हो गई।
घटना के बाद से महिला मित्र का मोबाइल फोन बंद आ रहा है। कल्याणपुर पुलिस इसे पनकी थाना क्षेत्र का मामला बता रही है, जबकि पनकी थाना प्रभारी मनोज सिंह भदौरिया का कहना है कि उन्हें अब तक प्रकरण की जानकारी नहीं है और कोई तहरीर भी नहीं मिली है।
थानों के बीच जिम्मेदारी तय न होने से जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है। परिजन मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। 

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