February 16, 2026

संवाददाता
कानपुर। 
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से संबद्ध एलएलआर अस्पताल की पैथोलॉजी लैब को राष्ट्रीय स्तर की मान्यता दिलाने की कवायद शुरू हो गई है। लैब की जांचों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए विभाग ने नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लैबोरेटरीज सर्टिफिकेशन प्रक्रिया पर काम तेज कर दिया है। सर्टिफिकेशन मिलने के बाद लैब में होने वाली जांचों की सटीकता पर आधिकारिक मुहर लग जाएगी, जिससे अस्पताल की साख भी बढ़ेगी।
पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. लुबना खान ने बताया कि लैब की कार्यप्रणाली को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने के लिए क्वालिटी मैनेजर की नियुक्ति की गई है। वह लैब के हर डेटा और टेस्ट प्रक्रिया की बारीकी से मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उद्देश्य यह है कि सभी जांचें नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लैबोरेटरीज सर्टिफिकेशन प्रक्रिया के तय प्रोटोकॉल के तहत हों और रिपोर्टिंग सिस्टम पूरी तरह पारदर्शी व सटीक बने।
नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लैबोरेटरीज सर्टिफिकेशन के लिए कम से कम 6 महीने का रिकॉर्ड प्रस्तुत करना अनिवार्य है, जिसमें लैब की निरंतर और मानक आधारित कार्यप्रणाली का प्रमाण देना होता है। फिलहाल यह डेटा तैयार किया जा रहा है। अगले छह महीने तक गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन करने के बाद औपचारिक आवेदन किया जाएगा।
इस सर्टिफिकेशन का सीधा फायदा मरीजों को मिलेगा। जांच रिपोर्ट की विश्वसनीयता बढ़ने से इलाज में सटीकता आएगी और डॉक्टरों को निर्णय लेने में आसानी होगी। साथ ही मरीजों को निजी लैब पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और सरकारी अस्पताल में ही प्रमाणित जांच की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। 

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