
संवाददाता
कानपुर। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से अब केवल 26 सेंटीमीटर दूर है। पिछले 24 घंटे के भीतर जलस्तर 17 सेमी बढ़ गया। शुक्लागंज पुल माप स्थान पर जलस्तर 112.74 सेमी पहुंच चुका है। यहां चेतावनी बिंदु 113 मीटर पर है। खतरे का निशान 114 मीटर पर है ।
बीते चार दिनों में लगातार गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है, इससे आसपास के गांव में रहने वालों की चिंता बढ़ गई है। कई गावों में पानी घुसने से फसले बर्बाद हो गई है। तीन गांव के खेतों में पानी भर चुका है।
गुरुवार को सुबह गंगा का जलस्तर शुक्लागंज पर चेतावनी बिंदु से 26 सेंटीमीटर दूर ही बचा है । वही गंगा बैराज पर जलस्तर लगातार बढ़ रहा है । गंगा बैराज पर बैराज के सभी 30 गेट खोले गए हैं। जहां से 3 लाख 75 हजार 987 क्यूसेक पानी गंगा से आगे की तरफ डिस्चार्ज किया गया है ।
इसी तरह से नरौरा बांध से गंगा बैराज की तरफ 1 लाख 86 हजार 672 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है । हरिद्वार से भी 1 लाख 28 हजार 340 क्यूसेक पानी बैराज की तरफ छोड़ा गया है । लगातार गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है।
इसकी वजह से घाटों के किनारे सीढ़ियां पूरी तरह से डूब गई है। शहर के परमट स्थित श्री आनंदेश्वर मंदिर स्थित घाट में सीढ़ियां डूब गई है। जिसके बाद जिला प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए वहां पर बल्लियां बांधकर रास्ता बंद कर दिया है।
घाट के किनारे जहां पर सीढ़ियां डूब गई है। वहां पर पुलिस की तैनाती भी की गई है, ताकि कोई भी घाट के किनारे स्नान न करें। सुरक्षित स्थान पर जाकर ही सुरक्षित तरीके से लोग स्नान करें।
सबसे ज्यादा गंगा बैराज के किनारे बसे एक दर्जन से अधिक गांव इस वक्त खतरे में है, क्योंकि यहां तीन गांव जिनमें चैनपुरवा, रामपुर और कटरी में खेतों में गंगा का पानी घुस गया है। यहां किसानों ने खेतों के किनारे नाव लगा दी है ।
जो किसान गांव से खेतों में सब्जी उगाकर शहर की तरफ गंगा नदी पार करके बेचने जाते थे ,उनके जाने पर भी रोक लगा दी गई है। खेत में पानी भर जाने से किसानों के लाखों रुपए की सब्जियां भी बर्बाद हो गई है।






