March 25, 2026

संवाददाता 

कानपुर। क्राइस्ट चर्च कॉलेज के अंग्रेज़ी विभाग की ओर से मंगलवार को “फिल्म रूपांतरण और सिनेमा का विकास” विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के रसायन विज्ञान सेमिनार हॉल में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और संकाय सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस अवसर पर डी.जी. कॉलेज के प्रो. सुब्रा राजपूत मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। अपने व्याख्यान में उन्होंने सिनेमा के विकास की ऐतिहासिक यात्रा को विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि सिनेमा की जड़ें प्रारंभिक रंगमंचीय परंपराओं में निहित हैं, जहां से यह माध्यम विकसित होकर मूक फिल्मों के दौर तक पहुंचा और फिर तकनीकी नवाचारों के साथ आधुनिक स्वरूप में परिवर्तित हुआ। उन्होंने फिल्म रूपांतरण की प्रक्रिया को भी सरल और रोचक ढंग से समझाते हुए बताया कि किस प्रकार साहित्यिक कृतियों को दृश्य माध्यम में ढालते समय कई स्तरों पर रचनात्मक बदलाव किए जाते हैं।

प्रो. राजपूत ने उदाहरणों के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि फिल्में केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति और विचारों का सशक्त प्रतिबिंब भी होती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को साहित्य और सिनेमा के बीच के गहरे संबंध को समझने के लिए प्रेरित किया तथा इस क्षेत्र में शोध और अध्ययन की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विनय जॉन सेबेस्टियन ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान शैक्षणिक परिवेश में पारंपरिक विषयों की सीमाओं को तोड़ते हुए अंतर्विषयक अध्ययन को बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. शुभी तिवारी के स्वागत भाषण से हुआ, जिसमें उन्होंने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। इसके पश्चात डॉ. अभिमन्यु पांडेय ने मुख्य वक्ता का परिचय देते हुए उनके शैक्षणिक योगदान पर प्रकाश डाला। व्याख्यान के अंत में डॉ. अंकिता पांडेय ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी का आभार व्यक्त किया।

पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में विषय को लेकर गहरी रुचि देखने को मिली। व्याख्यान के पश्चात आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में छात्रों ने विभिन्न जिज्ञासाएं रखीं, जिनका प्रो. राजपूत ने विस्तार से समाधान किया।  वक्ताओं ने माना कि कार्यक्रम की विषयवस्तु  छात्रों के लिए ज्ञानवर्धक साबित होगी।

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