
संवाददाता
कानपुर। बरसात के बाद शहर के अस्पतालों में मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ हैं। अस्पतालों के हर विभाग में मरीजों की संख्या 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। मेडिसिन विभाग, नेत्र रोग विभाग, स्किन रोग विभाग हर जगह पर मरीजों की लंबी लाइन देखने को मिल रही हैं।
कानपुर मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों की माने तो जिसकी शारीरिक क्षमता कमजोर होगी। उसको वायरल जल्दी अटैक करेगा। यदि शारीरिक क्षमता को ठीक रखकर और खान पान का विशेष ध्यान दिया जाय तो इससे बच सकते हैं।
कानपुर मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. बीपी प्रियदर्शी ने बताया कि इन दिनों बुखार की समस्या से करीब 20 प्रतिशत लोग पीड़ित हैं। लोगों में डेंगू और मलेरिया के लक्षण वाले मरीज ज्यादा आ रहे हैं।
खास बात ये है कि इन मरीजों में लक्षण तो दिख रहे हैं लेकिन अभी तक जांच में किसी भी रिपोर्ट में इसकी पुष्टि नहीं हुई हैं।
नेत्र रोग विभाग की प्रोफेसर डॉ. पारूल सिंह ने बताया कि इस मौसम में कंजक्टिवाइटिस बहुत तेजी से फैली हुई हैं। इसलिए इन मरीजों को थोड़ी सतर्कता बरती चाहिए। जो मरीज इसमें सतर्कता नहीं बरतते हैं, उनके घर में एक से दूसरे में दूसरे से तीसरे में तेजी से फैलता हैं।
हर ओपीडी में करीब 15 से 20 मरीज रोज आ रहे हैं। इस वायरस की स्ट्रैंथ बहुत तेज होती हैं, जब किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आते है तब संक्रमण का खतरा अधिक होता है।
इस मौसम से स्किन विभाग भी अछूता नहीं हैं। इन दिनों यहां पर भी मरीजों की आम दिनों के मुताबिक काफी भीड़ देखने को मिल रही हैं। सबसे ज्यादा मरीज एलर्जी और बाल झड़ने के आ रहे हैं।
स्किन रोग विभाग के डॉ. श्वेतांक ने बताया कि 20 प्रतिशत मरीज एलर्जी के तो 15 प्रतिशत मरीज बाल झड़ने की समस्या लेकर ओपीडी में पहुंच रहे हैं। वातावरण में नमी रहने के कारण स्किन से संबंधित दिक्कते बढ़ने लगती हैं।






