February 21, 2026

संवाददाता 

कानपुर।  चर्चित लेम्बोर्गिनी केस को 12 दिन बीत गए हैं।
लेकिन थाने में सीज लेम्बोर्गिनी कार को आज भी  वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है। थानेदार की जीप हो या थाने में सीज अन्य गाड़ियां सभी धूल से पटी मिलीं, लेकिन लेम्बोर्गिनी चमचमाती खड़ी है । 
कानपुर के वीआईपी रोड पर 8 फरवरी को फर्राटा भर रही लेम्बोर्गिनी कार ने कई लोगों को उड़ा दिया था। इसके बाद से कार थाने में सीज है। कार मालिक तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम को पुलिस ने 12 फरवरी की सुबह अरेस्ट करके कोर्ट में पेश किया था।
लेकिन जमानतीय धाराओं में अपराध के चलते 7 घंटे में कोर्ट से छोड़ दिया था। इस केस की जांच ग्वालटोली थाने में तैनात दरोगा दिनेश कुमार कर रहे हैं। 
थाने में खड़ी लेम्बोर्गिनी कार सीज होने के 12 दिन बाद भी एकदम चमचमाती हुई मिली, जबकि अन्य सीज गाड़ियों पर धूल की परत जमी थी। इतना ही नहीं थानेदार की जीप भी धूल से पटी थी। थाने में तैनात एक महिला पुलिस कर्मी ने बताया कि कार को साफ सफाई करने के लिए कोई कर्मचारी आता है।
इतना ही नहीं इसकी निगरानी के लिए भी मालिक ने एक व्यक्ति को थाने में लगा रखा है। इस वजह से सीज होने के 10 दिन बाद भी यह चमचमा रही है। हांलाकि इस दौरान थाने पर कोई व्यक्ति निगरानी व सफाई करने वाला मौजूद नहीं मिला।
मामले की जांच कर रहे विवेचक ने बताया कि दस्तावेजों की जांच करने के लिए वह दिल्ली में हैं। इस तरह के हर मामलों में दस्तावेजों का वेरीफिकेशन भी जरूरी होता है। इस वजह से वह इसकी जांच करने के लिए दिल्ली आरटीओ ऑफिस गए हैं।
उन्होंने बताया कि कार का टेक्निकल मुआयना हो चुका है। अब इन सभी दस्तावेजों के साथ अपनी प्रगति रिपोर्ट सुनवाई के दौरान कोर्ट में रखेंगे। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि वह इस केस में चार्जशीट की ओर उनकी जांच जा रही है। जल्द ही केस में वह चार्जशीट दाखिल करेंगे।
ग्वालटोली थाना क्षेत्र के वीआईपी रोड पर फर्राटा भर रही लग्जरी रेसिंग कार लेम्बोर्गिनी ने बीती 8 फरवरी को कई लोगों को उड़ा दिया था। मामले में पुलिस ने कार नंबर के आधार पर एफआईआर दर्ज की थी। जांच में सामने आया था कि तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा का बेटा शिवम मिश्रा कार चला रहा था।
पुलिस ने एफआईआर में शिवम मिश्रा को आरोपी मानते हुए नाम बढ़ाया था। जमानतीय धाराओं में एफआईआर होने के चलते कोर्ट ने भी सुनवाई के बाद भी उसे अरेस्टिंग के 8 घंटे के भीतर ही छोड़ दिया था। कार को थाने में वीआईपी ट्रीटमेंट मिलने के चलते और केस में लापरवाही बरतने पर थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया था। 

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