March 5, 2026

संवाददाता

कानपुर। जिलाधिकारी की चौखट तक शव पहुंचने के मामले में पुलिस का फेलियर सामने आया है। मृतक के परिजन चार कंधों पर अर्थी लेकर डीएम की चौखट तक पहुंच गए लेकिन गेट पर लगी पुलिस को भनक तक नहीं लगी।  लोकल इंटेलिजेंस को योजना का पता नहीं चला। मामले में पुलिस की ओर से गेट व अन्य स्थानों पर लगे पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच कराई जा रही है। जांच में भले ही लापरवाहों पर कार्रवाई करी जाए लेकिन घटना ने पुलिस की सक्रियता और सजगता की पोल खोल दी है।
मंगलवार 30 दिसंबर को दोपहर में डीएम आफिस के गेट के सामने केशवनगर उस्मानपुर के रहने वाले रामपाल की अर्थी को रखकर प्रदर्शन किया गया था। 

मामले में मृतक की बेटी ज्योति का आरोप था कि 16 दिसंबर को केडीए ने उनके पिता का मकान गिरा दिया गया, जिसके बाद से वह पास में ही तिरपाल डालकर रह रहे थे। सोमवार रात ठंड लगने से उनकी मौत हो गई। मामले में अर्थी रखे जाने के बाद परिजनों से बातचीत के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। साथ ही मामले की जांच के लिए एडीएम सिटी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर जांच सौंपी गई है। परिजनों को मुआवजे का भी आश्वासन दिया गया है।
केशव नगर में हुई इस मौत के बाद परिजन व एक संगठन के लोग सबसे पहले शव को नानाराव पार्क ले गए। उसके बाद कचहरी के पास चेतना चौराहे पर शव को कुछ देर के लिए रखा गया। उसके बाद अर्थी को डीएम आफिस के बाहर लाकर रखा गया।
शव को लेकर डीएम आफिस लाने के कई रास्ते हैं, जिसमें कचहरी गेट, कलेक्ट्रेट गेट (लायर्स एसोसिएशन के पास), सदर तहसील गेट व वीआईपी रोड स्थित नया गेट है। इन सभी गेट्स पर न्यायालय सुरक्षा व कलेक्ट्रेट की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों की तैनाती रहती है। किसी भी स्थिति में कचहरी या कलेक्ट्रेट में लाश लाने का मतलब नहीं उठता।
क्योंकि कलेक्ट्रेट कैंपस से किसी श्मशान घाट या कब्रिस्तान का रास्ता भी नहीं जाता है। ऐसे में चार कंधों पर आ रही अर्थी को देखकर मन में सवाल उठना लाजमी है। ड्यूटी पर लगे पुलिसकर्मियों के मन में भी सवाल तो जरुर उठा होगा लेकिन किसी ने आगे बढ़कर यह पूछना जरुरी नहीं समझा कि यह अर्थी कहां जा रही है।
अर्थी के डीएम आफिस के गेट पर पहुंचते ही अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। 

जानकारी मिलते ही डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता, एसीपी कोतवाली आशुतोष कुमार व कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और किसी भी प्रकार की कानून व्यवस्था नहीं बिगड़ने पाई।
मामले में डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि मामले में जांच बैठाई गई है। लाश किस रास्ते से अंदर आई और वहां किसकी ड्यूटी थी, इसकी जांच की जा रही है।