January 25, 2026

संवाददाता 

कानपुर। आधा माघ बीतने के बाद फाल्गुन के आने की आहट से होली जैसे मुख्य त्यौहार की खुश्बू फिजा में बहने लगी है। बसंत पंचमी से ही  होली  त्यौहार की शुरुआत हो गई है। जहां शहर के  हर (जहां जहां होली जलती है) चौराहे पर होली सजना शुरू हो गई तो वहीं बाजार भी इससे पीछे नहीं रहे वह भी होली के रंगों में रंगने को तैयार हो गए। 

बाजारों में रंग,गुलाल इत्यादि की दुकानें पूरी तरह से सज गई हैं।शहर के बाजार भी होली के रंग में रंगने लगे हैं। नयागंज, जनरलगंज सहित  शहर के प्रमुख थोक बाजारों में रंग, गुलाल, पिचकारी और अन्य होली सामग्री की दुकानें पूरी तरह सज चुकी हैं। दुकानों पर अबीर-गुलाल के ढेर, रंग-बिरंगी पिचकारियां और बच्चों को आकर्षित करने वाले मुखौटे भी बिक्री के लिए सजा दिए गए हैं। ये बात अलग है कि गुलाल में नए तरह के रंगों की फरमाइश हर साल की तरह इस बार भी जोरों पर है,जहां पूर्व में केवल लाल,गुलाबी, हरा और नीले रंग के गुलाल बाजारों में बिकते थे वहीं बीते कुछ सालों से पीले, बैंगनी, हल्का नीला समेत तमाम रंग बाजार में छा गए।

शहर के रंग और गुलाल के व्यापारियों का कहना है कि बसंत पंचमी के बाद से ही होली की खरीदारी शुरू हो जाती है, लेकिन फाल्गुन लगते ही बाजारों में रौनक और बढ़ जाती है। इस वर्ष अच्छी बिक्री की उम्मीद जताई जा रही है। शहर में फाल्गुन के आगमन की आहट  के साथ ही कानपुर रंगों के त्यौहार में डूबने को तैयार होने लगा है। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे होली नजदीक आएगी, शहर की गलियों, चौराहों और बाजारों में उत्साह और उल्लास और भी बढ़ता नजर आएगा। 

जनरलगंज गंज स्थित थोक बाजार में रंग और गुलाल के थोक विक्रेता दीपक अग्रवाल ने बताया कि बसंत पंचमी से ही रंगों की खरीदारी के लिए यूपी के अलावा बिहार और बंगाल के व्यापारी तो आते ही हैं अब राजस्थान और मध्य प्रदेश से भी दुकानदार आने शुरू हो गये हैं। पहले केवल 4 रंग के गुलाल बिकते थे लेकिन अब भगवा और जामुनी रंग की मांग बढ़ रही है।

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