March 15, 2026

• औचक निरीक्षण में खुली लापरवाही की पोल, वेतन रोकने और कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश

संवाददाता 

कानपुर। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कंपोजिट विद्यालय कठेरुआ का औचक निरीक्षण कर शिक्षा व्यवस्था की हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में तीन शिक्षिकाएं—आरती, विभा निगम और अनिता कटियार—अनुपस्थित मिलीं, जिस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए तीनों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने और कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जब डीएम ने अनुपस्थित शिक्षिकाओं के बारे में जानकारी ली तो बताया गया कि वे बीएलओ ड्यूटी में लगी हुई हैं। इस पर जिलाधिकारी ने मौके से ही संबंधित शिक्षिकाओं से फोन पर बात की। बातचीत में सामने आया कि दो शिक्षिकाएं अपने घर पर थीं, जबकि एक शिक्षिका ने रास्ते में होने की बात कही। इस पर डीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षकों का प्राथमिक दायित्व बच्चों को पढ़ाना है और किसी भी प्रकार की अन्य ड्यूटी विद्यालय के समय से पहले या बाद में ही की जानी चाहिए।

डीएम ने कहा कि विद्यालय समय में शिक्षकों की अनुपस्थिति किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति और पढ़ाई की गुणवत्ता पर नियमित निगरानी रखी जाए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय में संचालित मिड-डे मील योजना की भी जांच की। उस दिन बच्चों को चावल, दाल और आलू-सोयाबीन की सब्जी परोसी जा रही थी। डीएम ने स्वयं भोजन को चखकर उसकी गुणवत्ता और स्वच्छता का जायजा लिया तथा भोजन व्यवस्था को संतोषजनक पाया।

इसके अलावा उन्होंने विद्यालय में स्मार्ट क्लास के माध्यम से चल रही पढ़ाई का भी निरीक्षण किया। कक्षा सात के विद्यार्थियों से डीएम ने पढ़ाई से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका बच्चों ने आत्मविश्वास के साथ सही जवाब दिया। बच्चों के उत्साह और ज्ञान को देखकर डीएम ने उनकी सराहना की और उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने तथा आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

Related News