March 12, 2026

संवाददाता
कानपुर।
नरवल क्षेत्र के नेहरू स्मारक विद्यालय की भूमि पर यूवाओं ने खुद चंदा एकत्र कर इसकी जमीन की सफाई कराई थी और सांकेतिक बोर्ड लगाकर इसे सामुदायिक उपयोग के लिए सुरक्षित किया था।
हालांकि, बारिश के बाद कुछ प्रभावशाली ग्रामीणों ने जमीन पर पुनः जुताई कर फसल बोने का प्रयास किया। स्थानीय निवासी जीतू यादव और आनंद सिंह का कहना है कि इस संबंध में उन्होंने कई बार राजस्व विभाग को शिकायती पत्र भेजे, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उपजिलाधिकारी नरवल विवेक कुमार मिश्रा के निर्देश पर राजस्व टीम मौके पर पहुंची। टीम ने कब्जा करने का प्रयास कर रहे रामबाबू यादव से लिखित बयान लिया। रामबाबू ने अपने बयान में लिखा कि उन्होंने केवल रास्ता बनाने के लिए जुताई कराई थी और कोई फसल नहीं बोएंगे।
गांव के युवाओं का कहना है कि जमीन पर बार-बार कब्जे की यह कहानी दोहराई जा रही है। उनका सुझाव है कि जमीन की नाप कर उसके चारों ओर तार का घेरा या खंबे लगवा दिए जाएं ताकि भविष्य में कोई अवैध कब्जा न कर सके।
क्षेत्र के आनंद सिंह ने कहा कि अगर सरकारी खर्च से खंबे नहीं लग सकते तो हम खुद चंदा इकट्ठा कर इसका प्रबंध करने को तैयार हैं, लेकिन इसके लिए जमीन का स्पष्ट चिन्हांकन आवश्यक है।
इस विवाद ने स्थानीय प्रशासन और राजस्व विभाग के सामने गांव में सामुदायिक भूमि के संरक्षण की चुनौती को उजागर किया है