
संवाददाता
कानपुर। ईदगाह चौराहा पर 22 दिन पहले सड़क धंसी थी, इस समय इस सड़क पर हुए गड्डे की लंबाई 10 मीटर से बढ़ कर अब 50 मीटर हो गई है। पहले यहाँ 7 मकान गिरने का खतरा था, लेकिन अब 10 मकान गिरने का खतरा बन गया है। अब वहां के रहने वाले परिवार और दुकानदार सड़क पर बैठे रहते है।
कानपुर शहर का ईदगाह चौराहा पर 22 जनवरी को डाट नाला धंसने की वजह से सड़क पर 10 मीटर लंबाई में सड़क धंस गई थी। अब सड़क को धंसे हुए 22 दिन बीत गए है, जिसके बाद अब गड्डे की लंबाई लगभग 50 मीटर हो गई है। पहले यहां पर सात परिवारों को घर खाली करने के लिए नगर निगम ने नोटिस लगाए थे, अब तीन मकान और इस गड्डे की जद में आ रहे है। एक परिवार ने अपने बच्चों के साथ घर में रहना बंद कर दिया है। रात में सोने के लिए स्थानीय रिश्तेदारों के यहां परिवार शरण ले रहा है, लेकिन दिन में सड़क पर बैठ के अपने मकान को देखते रहते है।
मोहित का परिवार ईदगाह चौराहा के पास रहता है। इनके परिवार में पत्नी और 3 साल की बेटी माही है। मोहित बताते है, हम जिस मकान में रहते है, ये किराये का मकान है, रात में यहां दोबारा से सड़क धंसी थी, तब हम लोग घर के अंदर थे। जैसे ही सड़क धंसी हम लोगों को डर लग रहा था। कहीं हमारा मकान न धंस जाए। क्योंकि इस मकान में अंदर ग्राउंड बेसमेंट बना हुआ है। हम लोग डिनर करने के लिए जा रहे थे। उसके बाद हमारे परिवार ने रात में ही घर छोड़ दिया। हम लोग कल रात अपने परिवार के साथ अपनी रिश्तेदारी में रुके हुए थे। अभी हम लोग यहां आए है। क्योंकि अभी हमारे घर में सामान रखा हुआ है।
मोहित की पत्नी सोनी बताती हैं, यहां कल रात को गड्डा बहुत ज्यादा हो गया है, यहाँ ऑलरेडी एक महीने से काम चल रहा है। इनकी लोगों की लापरवाही की वजह से और भी प्रॉबलम हो गई है। अब तो घर के अंदर जाने में भी डर लग रहा है। कि घर के अंदर पैर कैसे रखें। हम लोगों ने रात में सोने के लिए फ्रेंड सर्किल में व्यवस्था कर ली है। यहां पर काम बहुत ही स्लो चल रहा है, जिस तरह की यहां पर स्थित बनी हुई है। इस तरीके से इन लोगो को काम बहुत ही स्पीड से करना चाहिए। ये लोग धीरे धीरे काम कर रहे हैं, मेरे छोटे बच्चे है, इनको लेकर के हम कहां जाएं।
यहीं रहने वाले शरद द्विवेदी ने बताया कि पहले तो ये गड्डा 4- 5 फिट का था। पहले ये लोग कूड़ा कबाड़ डाल के लीपापोती करते रहे। पहले से नीचे पाइप लीकेज थे, जो कभी खोल के चेक नहीं किये गए। उसके बाद अचानक से सड़क पर 10 से 15 मीटर सड़क पर गड्डा हो गया। नगर निगम ने तीन ठेकेदार बदल दिये। यहां लोगों के घर भी है, और कारोबार भी है, रोजी रोटी सब बर्बाद पड़ी हुई है। अब इस गड्डे को 22 दिन होने जा रहे है। 10 दिन पहले महापौर आई थी। उन्होंने कहा था, इसको 15 दिनों में पूरा करवा देंगे। उन्होंने 24 घंटे काम करने के निर्देश दिये थे। अब तो गड्डे की स्थितियां बहुत ही बदतर हो गई हैं। कल रात में अचानक से फिर से गढ्ढा बड़ा हो गया है, अब ये 45 से 50 मीटर का हो गया है, अब 2 से 3 मकान पूरी तरीके से जद में है ये कभी भी गिर सकते है। इस समय 10 मकानों के गिरने का खतरा है। अब ये परिवार क्या खाएंगे, क्योंकि ये सब नॉर्मल परिवार है, इनका काम धंधा सब ठप पड़ा हुआ है।
कानपुर की मेयर प्रमिला पांडेय ने 15 दिनों में काम पूरा करने का निर्देश दिया था। जिसके बाद तीसरा ठेकेदार काम करने आया था। अब शाम तक 4 ठेकेदारो के आकर काम करने की बात जानकारी मे आई है।






