March 12, 2026

संवाददाता

कानपुर। जिलाधिकारी ने जिला कारागार में बंद महिला बंदियों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए सिलाई मशीनें दान करी। इस मशीन का प्रयोग करके महिला बंदी आर्थिक रूप से अपने को मजबूत बना सकती हैं।
मशीन वितरण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि कारागार सुधार और पुनर्वास का माध्यम है। महिला बंदियों को जीवनोपयोगी कौशल प्रदान कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के रचनात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से महिला बंदी अपने समय का सकारात्मक उपयोग कर सकती हैं।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक महिला बंदी को उपहार स्वरूप दो-दो सूट्स की सिलाई से प्रशिक्षण प्रारम्भ किया जाएगा। प्रशिक्षण की व्यवस्था अधिवक्ता एवं समाजसेविका दिशा अरोड़ा द्वारा की जा रही है, जो अचिन्त्य चेरिटेबल फाउंडेशन की अध्यक्ष भी हैं। प्रशिक्षण के उपरांत इच्छुक व दक्ष महिला बंदियों को नियमित सिलाई कार्य सौंपा जाएगा। उनके द्वारा किए गए कार्यों के लिए उन्हें पारिश्रमिक भी प्रदान किया जाएगा।
कारागार अधीक्षक डॉ. बीडी पाण्डेय ने बताया कि कारागार प्रशासन महिला बंदियों के स्वरोजगार से जुड़ी गतिविधियों को व्यवस्थित ढंग से संचालित करेगा। उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण व स्वयंसेवी संस्था को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।इस अवसर पर अपर जिला जज कमलेश कुमार मौर्य ने महिला बंदियों को सम्बोधित करते हुए प्रशिक्षण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में राजेश कुमार पाण्डेय, जेलर अनिल कुमार पाण्डेय, मनीश कुमार, डिप्टी जेलर मौमसी राय, अरुण कुमार सिंह, चीफ लीगल एड डिफेन्स काउंसिल अखिलेश कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।