
संवाददाता
कानपुर। नरवल तहसील में आयोजित समाधान दिवस के दौरान प्रशासनिक लापरवाही के गंभीर मामले सामने आए है। दो अलग-अलग मामलों में महत्वपूर्ण पत्रावलियां गायब होने की शिकायतें की गईं। इनमें एक मामला सर्पदंश से हुई मौत के मुआवजे से जुड़ा है, जबकि दूसरा न्यायालय में चल रहे वाद की मूल पत्रावली से संबंधित है।
सरसौल ब्लॉक के कमालपुर निवासी नन्हका ने बताया कि वर्ष 2021 में उनकी पत्नी ऊषा की सर्पदंश से मृत्यु हो गई थी। शासन से मिलने वाली आर्थिक सहायता के लिए उन्होंने तहसील में आवेदन किया था और सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई थीं। लेखपाल की रिपोर्ट लगने के बावजूद उनकी पत्रावली पिछले एक साल से गायब है, जिसके चलते वह लगातार तहसील और कचहरी के चक्कर काट रहे हैं।
इसी समाधान दिवस में भीतरगांव कुड़नी निवासी अनिल कुमार ने भी शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि नायब तहसीलदार तृतीय के न्यायालय में चल रहे वाद में उन्होंने सभी आवश्यक अभिलेखों के साथ मूल पत्रावली दाखिल की थी, लेकिन कई माह बीत जाने के बाद भी फाइल का कोई सुराग नहीं मिल सका है।
मामलों की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी नरवल विवेक कुमार मिश्रा ने दैवीय आपदा से जुड़े प्रकरण में नायब तहसीलदार को जांच कर शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए हैं। वहीं, न्यायिक वाद की पत्रावली गायब होने के मामले में संबंधित नायब तहसीलदार को न्यायालय के पेशकार की जांच कराने और फाइल का पता लगाने के आदेश दिए गए हैं।






