March 5, 2026

संवाददाता

कानपुर। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. यूबी सिंह ने 23 अप्रैल को समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की सुबह 5:10 बजे औचक निरीक्षण किया, जबकि मैं 1 से 30 अप्रैल तक उपार्जित अवकाश पर था। इसके बाद भी उक्त अधिकारी ने मनमाने तरीके से पत्राचार किया। साथ ही माह मार्च 2025 मे निरन्तर कई बार निरीक्षण कर सामने उपस्थिति कर्मचारियों का वेतन रोकने का सीधे आदेश निर्गत किया गया जो न्याय सगत मे नही है। ये बातें समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरसौल के अधीन वरिष्ठ सहायक गया प्रसाद ने सीएमओ को लिखें पत्र में कही है। ये पत्र इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

पत्र में गया प्रसाद ने कहा है कि इस तरह से वेतन कटौती कर्मचारियों के परिवार के पालन पोषण और बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने को प्रभावित करता है। उक्त अधिकारी के द्वारा पूर्व मे कहा गया कि कर्मचारियों से पैसा वसूल कर दिजिए नहीं तो आपके विरुद्ध उच्च अधिकारियो से पत्राचार कर दूंगा, जिसके कम मे उक्त अधिकारी बिना किसी स्पष्टीकरण प्राप्त किए सीधे कार्यवाही के लिए उच्च अधिकारियो को अपने हस्ताक्षर से पत्राचार कर रहे है।गया प्रसाद ने अपने पत्र में लिखा कि सीएचसी सरसौल कानपुर नगर का राजकीय कार्य सुचारू रूप से संचालित होता रहा, लेकिन डॉ. यूबी सिंह के तानाशाही व अपमानित तथा जातिसूचक व्यवहार से प्रार्थी का मानसिक शोषण किया गया।
मुझसे कहा गया कि तुम्हे नौकरी नही करने दूंगा या तो तुम्हारा स्थानान्तरण करवा दूंगा या तो निलम्बित करवा दूंगा।
गया प्रसाद ने सीएमओ कानपुर को पत्र लिखने के अलावा, प्रमुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाए उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ, निदेशक प्रशासन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं उत्तर प्रदेश लखनऊ, अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कानपुर मडंल कानपुर, जिलाधिकारी कानपुर नगर, चिकित्सा अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरसौल को भी भेजा।
सीएमओ डॉ. हरी दत्त नेमी ने बताया कि ये पत्र पुराना है। इन दोनों का आपस का कुछ मामला था। इसको लेकर पहले ही जांच हो चुकी हैं। वहीं, डॉ. यूबी सिंह ने कहा कि वो व्यक्ति कभी ड्यूटी पर नहीं आता था। इसलिए उसके खिलाफ कार्र‌वाई की थी।