March 3, 2026

संवाददाता

कानपुर।  स्टूडेंट्स जिमखाना के एकेडमिक्स एंड करियर काउंसिल, आईआईटी कानपुर ने इंस्टीट्यूट रिसर्च संगोष्ठी के चौथे संस्करण का टेक्नोपार्क में सफल आयोजन किया। छात्र-नेतृत्व वाले इस आयोजन में 450 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसमें छात्र, शोधकर्ता, संकाय सदस्य और उद्योग विशेषज्ञ शामिल थे। इस सिम्पोसियम ने ज्ञान साझा करने, सहयोग को बढ़ावा देने और वैज्ञानिक अनुसंधान की भावना का उत्सव मनाने के लिए एक जीवंत मंच प्रदान किया।

इस कार्यक्रम का शुभारंभ प्रेरणादायक उद्घाटन सत्र से हुआ, जिसमें प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल – निदेशक, प्रो. तरुण गुप्ता- डीन, आर एंड डी,  प्रो. अर्क वर्मा – फैकल्टी सलाहकार, एएनसी, प्रो. शेओ शंकर राय – सह-अध्यक्ष, आईआरएस 2025 और डॉ. सुबी चतुर्वेदी – ग्लोबल एसवीपी एवं चीफ कॉर्पोरेट अफेयर्स व पब्लिक पॉलिसी ऑफिसर, इनमोबी ने संबोधित किया। डॉ. चतुर्वेदी ने उत्तर प्रदेश में इनमोबी की तकनीकी उपस्थिति पर प्रकाश डाला और छात्रों को उद्योग से जुड़ने व नवाचार के अवसरों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

उद्घाटन सत्र के बाद सिम्पोसियम में प्लेनरी टॉक्स, ओरल सेशंस, पोस्टर प्रस्तुतियां, पैनल चर्चाएं और शोध-आधारित प्रतियोगिताओं की श्रृंखला आयोजित हुई। 

सिम्पोसियम की शुरुआत अरविंद जयप्रकाश- अभियांत्रिकी विभागाध्यक्ष, इनमोबी के प्लेनरी व्याख्यान “ए.आई और एबंडेंस” से हुई, जिसमें उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेज विकास पर चर्चा की। इसके बाद तकनीकी और बहुविषयक पूर्ण सत्रों की एक श्रृंखला आयोजित की गई। 

इसमें अंशु सिंह आरईओ, आई.आई.टी कानपूर, हर्शभ  तिवारी – ग्लोबल सर्विस इंजीनियर, लांजा टेक, अभिजीत भट्टाचार्य सीएचआरओ, टाटा कैपिटल लि., प्रो. भास्कर काँसेरी – आई.आई.टी दिल्ली और प्रो. तापस के. माझी – जेएनसीएएसआर के द्वारा बौद्धिक संपदा, कार्बन सर्कुलैरिटी तकनीकों, ऊर्जा संक्रमण के वित्तीय ढांचे, क्वांटम फोटॉनिक्स और मेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क्स के विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सत्र प्रस्तुत किए गए ।

संगोष्ठी के तीनों दिनों में पदार्थ विज्ञान, नैनोविज्ञान, रसायन विज्ञान, सतत ऊर्जा, जैव विज्ञान, डेटा-आधारित अनुसंधान, एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स, फोटॉनिक्स, क्वांटम तकनीक और अन्य उभरते अंतर्विषयी क्षेत्रों पर विस्तृत ओरल और पोस्टर सत्र आयोजित हुए। पोस्टर सत्रों में भी छात्रों और शोधकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस वर्ष का एक प्रमुख आकर्षण 24-घंटे का रिसर्च हैकाथॉन था, जिसमें प्रतिभागी टीमों ने सीमित समय में वास्तविक शोध चुनौतियों के समाधान प्रस्तुत किए। इसने रचनात्मकता, सहयोग और बहुविषयी सोच को बढ़ावा दिया I

शोध को रोचक और सहभागी बनाने के लिए सिम्पोसियम में कई रचनात्मक प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं, जिनमें मेटालोग्राफी कॉन्टेस्ट, रिसर्च रील चैलेंज, रिसर्च मेमोलॉजी और “ओपन साइंस बनाम प्रॉपराइटरी रिसर्च” पर बहस प्रतियोगिता हुई। 

इन गतिविधियों ने छात्रों में विज्ञान संचार और शोध अभिव्यक्ति के नए आयाम जोड़े।

प्रतिभागियों, वक्ताओं और संकाय सदस्यों के बीच अनौपचारिक संवाद को बढ़ावा देने के लिए एक भव्य रात्रिभोज भी आयोजित किया गया, जिसने समुदाय की भावना को और मजबूत किया।