January 25, 2026

संवाददाता
कानपुर। 
घुड़सवारी के शौकीन लोगों के लिए यह खबर किसी रोमांच से कम नहीं है। अब घुड़सवारी सीखने के लिए न किसी प्राइवेट क्लब की जरूरत, न ही भारी-भरकम फीस की चिंता। शहर की पुलिस अपने शाही और ताकतवर घोड़ों के साथ आमजन को घुड़सवारी सिखाने जा रही है। जल्द ही यह अनोखी पहल शुरू होने जा रही है, जिसमें सदस्यता लेकर लोग रोजाना 45 मिनट तक पुलिस अस्तबल में प्रशिक्षण ले सकेंगे।
यातायात पुलिस कार्यालय के पीछे बना पुलिस का यह अस्तबल सिर्फ एक अस्तबल नहीं, बल्कि घोड़ों की एक शानदार दुनिया है। यहां मौजूद 24 घोड़े अपनी खूबसूरती, ताकत और अनुशासन के लिए जाने जाते हैं। इन घोड़ों पर हर साल करीब डेढ़ करोड़ रुपए खर्च होते हैं और यही वजह है कि इन घोड़ो के राजसी ठाठ में कोई कमी नहीं दिखती है।
पुलिस अस्तबल में मौजूद 24 घोड़ों में से 9 घोड़े विदेशी थायरो ब्रीड नस्ल के हैं, जो इंग्लैंड, जापान, अमेरिका और फ्रांस जैसी जगहों से जुड़े हैं। चेतक, रणवीर, नाज, अकबर, हिमालय, पार्थ और सूर्या जैसे नाम वाले ये घोड़े कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी ताकत दिखा चुके हैं। अब तक ये घोड़े 19 मेडल जीत चुके हैं। एक्सपर्ट्स की मानें तो इन घोड़ों की कीमत 40 से 50 लाख रुपए तक है। यानी अब कानपुरवासी लाखों के घोड़ों पर घुड़सवारी का अनुभव ले सकेंगे।
संयुक्त पुलिस आयुक्त विनोद कुमार सिंह ने बताया कि, यह प्रशिक्षण सिर्फ शौक तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे पूरी तरह प्रोफेशनल तरीके से डिजाइन किया गया है।
पहली क्लास में घोड़े से दोस्ती कराई जाएगी उसका नाम, स्वभाव और पास जाने का तरीका।
दूसरी क्लास में घोड़े को पकड़ना, उसे मोड़ना और राइडर का डर खत्म करना सिखाया जाएगा।
तीसरी और चौथी क्लास में घोड़े पर चढ़ना, उतरना, वॉक करना और उस पर भरोसा बनाना सिखाया जाएगा।
पांचवीं और छठी क्लास में वॉक, ट्रॉट और कैंटर के जरिए स्पीड और कंट्रोल का अभ्यास होगा।
छठी क्लास में राइडर के कॉन्फिडेंस के अनुसार क्रॉस जंप तक कराया जाएगा और बेहतर प्रदर्शन करने वालों को आगे नेशनल लेवल प्रतियोगिताओं की तैयारी का मौका मिलेगा।
शहर के कमिश्नरेट पुलिस के अस्तबल में वैसे तो हर घोड़ा खास है, लेकिन चेतक, पार्थ, नाज, रणवीर, हिमालय, तुरंगी, इंद्रायाणी, शाहीन और सूर्या अस्तबल के स्टार हैं। खुशी की बात ये है कि इस अस्तबल में बम ब्लास्ट और अर्जुन नस्ल के घोड़े भी शामिल हो जाएंगे, जिससे अस्तबल और भी खास बन जाएगा।
कमिश्नर पुलिस के आल्हा अधिकारियों ने जो घुड़सवारी को लेकर प्लानिंग या फिर तैयारी की है उसके अनुसार लोगों को अल्टरनेट डे पर करीब 45 मिनट तक प्रशिक्षित घुड़सवारों के द्वारा घुड़ सवारी सिखाई जाएगी। 20 कैंडीडेट्स इसकी शुरुआत की जाएगी। वही, अभी फिलहाल फीस को लेकर किसी तरह का कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है फिलहाल 15000 रुपए फीस रखने की चर्चा है।
इन घोड़ों की डाइट किसी एथलीट से कम नहीं है। चना, जौ, चोकर, अलसी का तेल, हरी घास, गुड़, मिनरल मिक्चर और हाजमे के लिए खास नमक सब कुछ डॉक्टरों की सलाह से दिया जाता है। नियमित मेडिकल जांच से यह सुनिश्चित किया जाता है कि घोड़े हमेशा फिट और फुर्तीले रहें।
कुल मिलाकर, कानपुर में पहली बार आम जनता को पुलिस के रॉयल घोड़ों के साथ घुड़सवारी सीखने का मौका मिल रहा है। यह सिर्फ ट्रेनिंग नहीं, बल्कि रफ्तार, रोमांच और रॉयल एहसास का पूरा पैकेज है। 

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