March 28, 2026

संवाददाता 

कानपुर। चैत्र नवरात्रि के सातवें दिन बुधवार को भक्तों ने मां दुर्गा के उग्र व सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। 

शहर के विभिन्न देवी मंदिरों में सुबह से ही भक्तों ने मां कालरात्रि के चरणों में शीश नवाकर सुख-समृद्धि और भय से मुक्ति की कामना की।

मंदिरों में विशेष सजावट के साथ मां का श्रृंगार किया गया। कहीं फूलों से आकर्षक झांकियां सजाई गईं तो कहीं भव्य आरती का आयोजन हुआ। भक्तों ने मां को गुड़, हलवा, पूड़ी और नारियल का भोग अर्पित किया। धार्मिक मान्यता के अनुसार मां कालरात्रि का पूजन करने से सभी प्रकार के कष्टों और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है, जिससे जीवन में शांति और सुख की प्राप्ति होती है।

इस अवसर पर कई स्थानों पर कन्या पूजन का भी आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने छोटी-छोटी कन्याओं को मां का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया, उनके पैर धोए और उन्हें भोजन कराकर वस्त्र व दक्षिणा भेंट की। कन्याओं को हलवा-पूड़ी, चने और मिठाई का प्रसाद खिलाया गया। 

जानकारों के अनुसार मां कालरात्रि का स्वरूप भले ही भयंकर प्रतीत होता हो, लेकिन वे अपने भक्तों को सदैव शुभ फल प्रदान करती हैं। उनकी कृपा से सभी प्रकार के भय समाप्त होते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसी आस्था के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचकर मां का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।

शाम के समय मंदिरों में भजन-कीर्तन  आयोजन भी किया गया, जिसमें भक्तों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय रहा। बताते चलें कि 

जैसे-जैसे नवरात्रि के समापन की तिथि नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे देवी मंदिरों में भक्तों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है। शहर में चारों ओर भक्ति और आस्था का माहौल बना हुआ है।