March 4, 2026

संवाददाता
कानपुर। 
मेयर और भाजपा पार्षदों के बीच चल रहा विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। भाजपा पार्षद मेयर के बेटे पर नगर निगम में भ्रष्टाचार करने का आरोप लगा रहे थे। जिसके बाद अब मेयर के बेटे ने भाजपा पार्षदों को धमकाया है और देख लेने की बात कही है।
मोतीझील में कानपुर के प्रभारी मंत्री के कार्यक्रम में यह सारा घटनाक्रम हुआ, जिसके बाद पार्षदों ने संगठन को पत्र लिखकर सारे मामले की जानकारी दी है। 

भाजपा पार्षदों ने यह भी आशंका जताई है कि मेयर प्रमिला पांडेय का बेटा बंटी पांडेय उनकी हत्या भी करा सकता है। इसलिए उन्होंने संगठन से मांग की है कि सख्त कार्रवाई की जाए।
वार्ड 37 के भाजपा पार्षद पवन गुप्ता ने बताया कि रविवार को मोतीझील में प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय का कार्यक्रम था। संगठन के निर्देशानुसार वह इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। यहीं पर मेयर प्रमिला पांडेय के बेटे अमित पांडेय उर्फ बंटी पांडेय भी मौजूद थे।
उन्होंने पहले वार्ड 38 के भाजपा पार्षद हरि स्वरूप तिवारी उर्फ निक्कू को रोका और कॉलर पकड़कर धमकाना शुरू कर दिया। जब उन्होंने निक्कू से वहां से चलने को कहा तो बंटी ने उन्हें भी धमकाया और कहा कि अब तुम्हे बताउंगा कि बंटी पांडेय क्या चीज है। दोनों पार्षदों ने संगठन के पदाधिकारियों से इस बारे में में लिखित शिकायत की है।
पार्षद पवन गुप्ता ने बताया कि पहले बंटी पांडेय ने कहा कि आओ मेरे साथ फोटो खिंचवाओ। मैंने मना कर दिया। तभी बंटी ने मेरी जैकेट की कॉलर पकड़कर खींच लिया और गाली देते हुए बोला कि सारी नेतागिरी निकाल देंगे। शहर में बहुत बंटी टैक्स-बंटी टैक्स कहता फिर रहा है। अब तू खुलकर सामने आया है। अब तुझे बताऊंगा कि बंटी पांडेय क्या हस्ती है।
पार्षद पवन गुप्ता ने कहा कि उनकी धमकी के बाद से मैं डरा हुआ हूं। कहीं बंटी पांडेय मेरे साथ कोई हादसा न करा दे।
पार्षद पवन गुप्ता ने कहा है कि बंटी पांडेय ने खुलेआम प्रभारी मंत्री के कार्यक्रम में धमकी दी है। जब से उन्होंने उनके भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया है, लगातार उन्हें धमकियां दी जा रही हैं। यही कारण है कि वह अपने परिवार के साथ कहीं आ जा भी नहीं रहे हैं। हर साल 31 दिसंबर को परिवार के साथ मेहंदीपुर बालाजी के दर्शन करने जाते थे। यह बात सभी को पता है। लेकिन बंटी पांडेय के डर से इस साल नहीं जा पाया। बंटी मेरे और परिवार पर हमला करा सकता है।
कानपुर नगर निगम में 26 दिसंबर को सदन की बैठक थी। इसमें वार्ड 37 के पार्षद पवन गुप्ता और वार्ड 4 के पार्षद अंकित मौर्या ने अपने वार्ड की समस्या उठाने की कोशिश की थी। इस दौरान उन्हें अन्य पार्षदों ने रोका था, जिसके बाद विवाद शुरू हो गया था। सदन में काफी हंगामा हुआ था।
हंगामे के कारण सदन को तुरंत खत्म कर दिया गया था। सदन में दोनों पार्षदों को बोलने का मौका नहीं मिला था। इसके बाद मेयर प्रमिला पांडेय ने दोनों पार्षदों को आगामी 4 बैठक के लिए सदन के लिए सस्पेंड कर दिया था। इसके बाद से ही विवाद शुरू हो गया और पार्षदों ने मेयर और उनके बेटे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया ।
भाजपा के पार्षद इन दिनों मेयर के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। पार्षदों का कहना है कि मेयर के बेटे बंटी पांडेय ने नगर निगम के अंदर भ्रष्टाचार की सीमा लांघ दी है। नगर निगम से उनका कोई लेना देना नहीं है, इसके बाद भी वह नगर निगम में ही रहते हैं।
निगम से उठने वाले हर टेंडर में उनका दखल होता है और अपने ही लोगों को यह ठेके दिए जाते हैं। इतना ही नहीं नगर निगम में होने वाली नियुक्तियों में भी भ्रष्टाचार किया जाता है। पार्षदों ने इसे बंटी टैक्स का नाम दिया है। जिसके बाद से विवाद लगातार गहरा रहा है। 

भाजपा के कुल 6 पार्षद लगातार मेयर और उनके बेटे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।