
संवाददाता
कानपुर। प्रदेश के खेल विभाग ने खिलाड़ियों के भविष्य को संवारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए एक बड़ा खाका तैयार किया है।
उत्तर प्रदेश खेल निदेशालय की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जनपदों में संचालित 35 आवासीय क्रीड़ा छात्रावासों में 15 खेलों के लिए उच्चस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।
खेल विभाग की इस पहल से प्रदेश के खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण मिलने की उम्मीद है, जिससे वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन कर सकेंगे।
इस योजना के तहत हॉकी, तैराकी, वॉलीबॉल, जिम्नास्टिक, एथलेटिक्स, क्रिकेट, फुटबॉल, बैडमिंटन, टेबल-टेनिस, बास्केटबॉल, कबड्डी, कुश्ती, बॉक्सिंग, हैंडबॉल और जूडो जैसे प्रमुख खेल शामिल किए गए हैं। खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इन छात्रावासों में अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों की तैनाती की जाएगी।
खेल विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे खिलाड़ी या प्रशिक्षक, जिन्होंने ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स या विश्व कप/विश्व चैंपियनशिप जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में भाग लिया हो, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा पद्मश्री, खेल रत्न, अर्जुन पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार और ध्यानचंद पुरस्कार से सम्मानित खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को भी वरीयता प्रदान की जाएगी।
विशेष रूप से यह भी उल्लेख किया गया है कि ऐसे प्रशिक्षक जिन्होंने भारतीय टीम को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रशिक्षण दिया हो, उन्हें भी इस योजना में शामिल होने का अवसर मिलेगा। हालांकि, आवेदन करने वाले सभी उम्मीदवारों के लिए किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से न्यूनतम स्नातक उत्तीर्ण होना अनिवार्य रखा गया है।
इच्छुक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक क्षेत्रीय खेल कार्यालय, ग्रीन पार्क स्टेडियम, कानपुर में निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं। सभी आवश्यक शैक्षिक एवं खेल प्रमाण पत्रों के साथ आवेदन पत्र 8 अप्रैल 2026 को शाम 5 बजे तक जमा करना होगा।






