March 7, 2026

संवाददाता
कानपुर।
  पनकी में एक लाख का पर्सनल लोन न चुका पाने के तनाव में फुटवियर कारीगर ने पंखे से फंदा लगाकर जान दे दी। फुटवियर कारीगर ने अपने दोस्त की आईडी से अप्रैल माह में एक लाख का लोन लिया था। बीते एक माह से वह काम पर नहीं जा रहा था, साथ ही आज उसे पर्सनल लोन की किस्त जमा करनी थी। जिसके लिए उसके पास लगातार फोन आ रहा था। जिससे परेशान होकर फुटवियर कारीगर ने आत्मघाती कदम उठा लिया।
मूलरुप से उन्नाव, बिहार के रहने वाले मनीष कुमार दीक्षित बीते 10 सालों से पनकी ईडब्ल्यूएस, गंगागंज कालोनी में पत्नी प्रियंका व तीन बेटी आशी, आन्या व वान्या के साथ रहते थे। मनीष फुटवियर फैक्ट्री में ठेका लेकर चप्पल बनाने का काम करते थे। गंगागंज निवासी साथी अनीस ने बताया कि अप्रैल माह में उन्होंने अपनी आईडी से ऑनलाइन एप के माध्यम से मनीष को एक लाख का लोन दिलाया था।
जिसकी एक साल तक प्रतिमाह 8 हजार रुपए किस्त भरनी थी। अनीस के मुताबिक शुरुआती दो किस्तें भरने के बाद मनीष दो किस्तें नहीं भर पाया था, जिस पर उन्होंने दो किस्तें अदा की थी। इसके साथ ही बीते एक माह से नौकरी पर भी नही जा रहा था। आज उसे पांचवीं किस्त जमा करनी थी। जिसके लिए उसके पास फोन आ रहे थे। किस्त अदायगी को लेकर वह काफी परेशान था।
जिसके बाद कल देर रात मनीष ने कमरे में पत्नी के स्टॉल से फंदा लगाकर जान दे दी। सुबह सोकर उठी पत्नी ने शव फंदे से लटकता देख परिजनों और दोस्तों को जानकारी दी। सूचना पर पनकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम भिजवाया।