
संवाददाता
कानपुर। बोर्ड परीक्षा की शुरुआत के साथ ही छात्र-छात्राओं में तनाव का स्तर बढ़ा है। कठिन विषयों की परीक्षाओं को लेकर उनके मन में डर है कि कहीं वह फेल न हो जाएं।
बीते रविवार को 12वीं की छात्रा द्वारा परीक्षा के तनाव में आकर आत्महत्या करने के मामले के बाद अभिभावकों में भी चिंता साफ देखी जा रही है।
चुन्नीगंज स्थित मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र की काउंसिलिंग हेल्प डेस्क में परीक्षा के डर से जुड़ी 100 से ज्यादा कॉल्स आ चुकी हैं। किसी को गणित तो किसी छात्र को फिजिक्स या केमिस्ट्री से डर लग रहा है।
मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र की प्रभारी पूनम सिंह ने बताया कि बोर्ड परीक्षा देने वाले बच्चों सबसे ज्यादा डर फिजिक्स, केमिस्ट्री व मैथ से लग रहा है। कोई फिजिक्स व केमिस्ट्री के सूत्र याद नहीं कर पा रहा है तो कोई गणित के सवालों से परेशान है।
छात्रों के फोन पर उनको विषय को समझने के लिए यूट्यूब का सहारा लेने की सलाह दी जा रही है। इसके अलावा सिलेबस पूरा होने के बाद भी छात्रों में घबराहट है।
इस बोर्ड परीक्षा छात्रों के साथ साथ अभिभावक भी चिंता में हैं। एक छात्र की मां का फोन आया। उनका सवाल था कि मेरा बच्चा प्री बोर्ड में फेल हो गया है। वह बोर्ड परीक्षा में पास हो पाएगा या नहीं। परीक्षा के समय छात्रों में बेचैनी देख अभिभावक उनको कूल करने के लिए फोन करके सलाह ले रहे हैं।
छात्रों ने बोर्ड परीक्षा के समय फोन करके यह भी पूछा है कि मैं इस समय छह घंटे पढ़ रहा हूं। क्या मुझे बेहतर अंक लाने के लिए इससे ज्यादा समय तक पढ़ना पड़ेगा। परीक्षा में बेहतर अंक लाने की कोशिश में छात्र बार बार सिलेबस को दोहराने को लेकर भी परेशान है।
सिलेबस पूरा होने के बाद भी उनको लग रहा है कि कहीं कुछ छूट तो नहीं रहा। वहीं, सरकारी स्कूल के छात्र विषय विशेषज्ञ न होने से कोर्स अधूरा होने की बात बता रहे हैं।
टेली काउंसलिंग के लिए 6306920022, 9450341742 व 9628282914 पर छात्र या अभिभावक संपर्क कर सकते हैं। इन नंबरों पर काल करने का समय सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक है। टेली काउंसलिंग और केंद्र में आकर काउंसलिंग करना निशुल्क है।






