January 22, 2026

संवाददाता
कानपुर। 
महाराजपुर में अवैध संबंधों के शक में हुए मर्डर के तीसरे दिन मृतका श्वेता का पोस्टमॉर्टम किया गया। मृतका की मां ने बिलखते हुए बताया कि बेटी चोरी छिपे उन्हें इंस्टाग्राम के जरिए कॉल करती थी। दामाद सचिन हम लोगों से बात करने को मना करता था, 10 जनवरी को बेटी से बात करने पर सचिन ने श्वेता की बेरहमी से पिटाई की थी। बेटी ने कहा कि मार रहे हो मां से शिकायत करूंगी, तो सचिन ने गुस्सा करके वीडियो कॉल की और एक के बाद एक कई थप्पड़ जड़े। इसके बाद मुझसे बोला कि– अब बेटी से तुम जितने बार बात करोगी, इसी तरह उसे मारूंगा और तुझको वीडियो कॉल करके दिखाऊंगा।
वहीं मामले में पुलिस की एक बड़ी लापरवाही देखने को मिली। घटना के तीसरे दिन पुलिस ने मृतका श्वेता का पोस्टमार्टम कराया, इस दौरान बॉडी डिकंपोज होने लगी थी। मृतका के चचेरे भाई आशीष सिंह ने बताया कि उन्होंने पुलिस से पंचायतनामा भरने की बात कही, तो पुलिस ने शहर में वीआईपी मूवमेंट में हवाला दिया और रविवार देर शाम पंचायतनामा भरकर भेजा, लेकिन देर होने के कारण पोस्टमार्टम नहीं सका। जिससे परिजन पूरे दिन भटकते रहे।
गाजीपुर के मोहनपुर गांव निवासी श्वेता की मां ऊषा देवी ने बिलखते हुए कहा कि हत्यारोपी सचिन झूठ बोल रहा था कि बेटी के साथ कमरे में लड़के मौजूद थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सचिन व उसके परिजन दहेज में 10 लाख रुपए की मांग करते थे। दहेज न देने पर सचिन ने परिजनों के साथ मिलकर बेटी को मौत के घाट उतार दिया। ऊषा ने बताया कि सचिन उनकी बेटी को खाने तक के लिए मोहताज रखता था।
बेटी ने फोन करके मुझे बताया था कि मम्मी मुझे बहुत तकलीफ है, मैं आपके पास आ जाऊंगी। सचिन मुझे बहुत परेशान करता है। मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई, जो मैने इससे शादी कर ली। मैने बेटी से कहा था कि मैं तुम्हे पैसे भेज दूंगी, तुम घर आ जाना…. मैं उसे पैसा भेजने वाली थी, लेकिन तब तक बेटी के मौत की खबर आ गई। मां ऊषा ने कहा कि मेरी बेटी की हत्या पूरी साजिश के तहत की गई। पूरे परिवार ने मिलकर मेरी बेटी को मारा है। सचिन ने सरेंडर इसलिए किया, जिससे उसका परिवार न फंसे।
उन्होंने कहा कि मेरी बेटी की लाश तीन दिन से पड़ी है, लाश की इतनी बुरी हालत हो गई कि हम लोग उसे देख नहीं सकते, सब उन लोगों की मिलीभगत है। पिता राजकुमार ने बताया कि सचिन पहले भी कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे चुका था, इसलिए मै बेटी की शादी करने को राजी नहीं था। बेटी के कहने पर हम लोग शादी को राजी हो गए तो सचिन ने 10 लाख रुपए देने पर शादी करने को कहा, असमर्थता जताने पर शादी से इंकार कर दिया था। सचिन कह रहा था कि मैं तुम्हारी बेटी का इस्तेमाल करूंगा, शादी नहीं करूंगा।
फतेहपुर के गाजीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मोहनपुर शाह निवासी सचिन सिंह ने अपनी पड़ोसी श्वेता सिंह से चार माह पहले लव मैरिज की थी। इसके बाद दोनों घर से भाग कर सूरत गए। वहां एक माह रुकने के बाद वापस कानपुर लौटे और रूमा में नव विकसित हाईटेक सिटी में कमरा किराए पर लेकर रहने लगे। सचिन ऑटो चला कर गृहस्थी चलाने लगा, लेकिन सचिन को शक था कि पत्नी का अवैध संबंध पड़ोस में रहने वाले इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों से हो गया है।
घटना के एक दिन पहले तीनों छात्र श्वेता के कमरे में एक साथ बैठे मिले थे। इसे लेकर दोनों के बीच काफी झगड़ा हुआ था। उन्हीं छात्रों ने 112 नंबर डायल कर पुलिस को बुला लिया था। पुलिस ने पति-पत्नी को समझा कर घर भेज दिया, लेकिन श्वेता झूठे आरोप लगाने पर पति से झगड़ा करती रही।
इससे गुस्साए सचिन ने श्वेता का गला घोंट कर उसे मौत के घाट उतार दिया और घंटाघर भाग गया था। इसके बाद महाराजपुर थाने पहुंच कर सचिन ने हत्या करने की बात कबूल की थी। पुलिस घर पहुंची तो श्वेता का शव कंबल में लिपटा मिला था। पुलिस ने तीनों इंजीनियरिंग छात्रों पर शांति भंग की कार्रवाई की थी। 

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