
संवाददाता
कानपुर। नगर में अगले 48 घंटों में पॉकेट्स में बादल छाए रहेंगे। उतर पश्चिमी सर्द हवा की गति भी कम होगी। आज न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जो कि सामान्य से 2.8 डिग्री ज्यादा रहा। अधिकतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो कि सामान्य से 2.4 डिग्री ज्यादा रहा।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि आने वाले 24 से 48 घंटों में कानपुर मण्डल में सुबह से तेज धूप निकलने की संभावना है। बारिश की कोई संभावना नहीं है। किसान खेतों में नमी बनाए रखें। तापमान सामान्य से ऊपर रह सकते हैं। अधिकतम पारा 6.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
कृषि वैज्ञानिक नागेंद्र कुमार सिंह के अनुसार गेहूं की फसल के लिए यह मौसम अच्छा है। सरसों, आलू, मटर की फसलों पर बीमारियों का खतरा है। वैज्ञानिक का कहना है कि कीट और रोग का प्रकोप होने पर तुरंत इलाज करें। जब मौसम साफ हो दवा का छिड़काव तभी करें।
फरवरी के पहले सप्ताह में ओले-आंधी और बारिश से कई जिलों में गेहूं-सरसों की फसलें गिर गईं। अब इनके दाने हल्के हो जाएंगे।
फरवरी महीने में तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। वसंत आने के साथ ठंड का असर भी कम होने लगता है।
मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत के मुताबिक, फरवरी में तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। लेकिन, यह राहत ज्यादा समय तक टिकने वाली नहीं।
बीच-बीच में पश्चिमी विक्षोभ की वजह से तापमान में कुछ समय के लिए गिरावट भी देखने को मिल सकती है। इसके बावजूद फरवरी के अंत तक यूपी से ठंड पूरी तरह विदा हो जाएगी।
बीएचयू के कृषि विभाग के वैज्ञानिक प्रो. पीके सिंह के मुताबिक, गेहूं की फसल के लिए फरवरी का मौसम सामान्य रूप से अनुकूल माना जा रहा। हालांकि, दलहनी फसलों के लिए यह मौसम अनुकूल नहीं है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
पीके सिंह ने बताया कि बारिश और ओलावृष्टि होने पर गेहूं की पैदावार प्रभावित हो सकती है। जबकि, दलहनी और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहेगा। वहीं, बारिश के बाद अगर पाला पड़ता है, तो इसका असर खासतौर पर आलू और मटर की फसलों पर पड़ सकता है। इससे किसानों को नुकसान झेलना पड़ सकता है।






