
संवाददाता
कानपुर। ग्रीनपार्क में खेले जा रहे कर्नल सी के नायडू अंडर 23 ट्रॉफी के अहम मुकाबले में चंडीगढ़ के फिरकी गेंदबाज निशंक बिरला ने मेजबान उत्तर प्रदेश के खिलाफ ऐसी घातक फिरकी दिखाई कि उत्तर प्रदेश की पूरी बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। निर्णायक मुकाबले में निशंक ने यूपी के 9 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजकर न सिर्फ यूपी को बड़े स्कोर के लक्ष्य को रोकने का काम किया बल्कि क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम भी दर्ज करा लिया।मैच के दूसरे दिन जैसे ही निशंक ने गेंद संभाली, यूपी के बल्लेबाज उनकी घूमती गेंदों के सामने बेबस नजर आए। एक छोर से लगातार विकेट गिरते रहे और यूपी की पारी संभलने से पहले ही लड़खड़ा गई। निशंक की लाइन-लेंथ, फ्लाइट और टर्न ने बल्लेबाजों को पूरी तरह उलझाए रखा। खास बात यह रही कि उन्होंने न केवल निचले क्रम, बल्कि शीर्ष क्रम के भरोसेमंद बल्लेबाजों को भी चलता किया।
हालांकि इस शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन के बावजूद मुकाबले की तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हुई है। उत्तर प्रदेश को पहली पारी में मिली बढ़त के कारण नॉकआउट में पहुंचने की उम्मीदें अब भी बनी हुई हैं। टीम प्रबंधन और खिलाड़ी इस बढ़त को अपनी सबसे बड़ी ताकत मान रहे हैं।मैच में यूपी के बल्लेबाजों की असफलता जरूर चर्चा का विषय रही, लेकिन क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि निशंक बिरला की गेंदबाजी किसी भी मजबूत टीम को परेशानी में डाल सकती थी। उनकी इस प्रदर्शन ने विपक्षी खेमे में खलबली मचा दी है।
अब मुकाबले का सारा दारोमदार आगे के खेल और यूपी के गेंदबाजों के प्रदर्शन पर टिका है। यदि उत्तर प्रदेश अपनी बढ़त का सही इस्तेमाल करने में सफल रहा, तो नॉकआउट का टिकट कटना तय माना जा रहा है। वहीं निशंक बिरला का यह प्रदर्शन आने वाले मैचों में उन्हें विपक्षी टीमों के लिए बड़ा खतरा बना देगा।






