
संवाददाता
कानपुर। नगर में कुत्तो को एंटी रेबीज वैक्सीन लगाए जाने के अभियान में तीन महीने में 15 हजार आवारा कुत्तों को वैक्सीन लगाई गई है। तीन महीनें पहले अभियान शुरू हुआ था। लक्ष्य तय किया गया था कि सभी आवारा कुत्तों को तीन महीनें में एंटी रेबीज वैक्सीन लगा दी जाएगी। लेकिन अभी आकड़ा पूरा नहीं हो सका है।
शहर में करीब एक लाख आवारा कुत्ते हैं। इस अभियान को नगर निगम, डाग लवर और एनजीओ की मदद से शहर में काम किया जा रहा है।
नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि नगर निगम के विभिन्न वार्डो मे नसबंदी का अभियान चलाया जा रहा है। वैक्सीन लगाये जाने का कार्य भी लगातर किया जा रहा है। वार्ड स्तर पर अभियान लगातार जारी रहेगा। तीन माह इस अभियान को हो चुके है। लगभग तीन माह मे 15 हजार आवारा कुत्तो को एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई जा चुकी है।
शहर की जनसंख्या के आधार पर लगभग कानपुर मे जो आवारा कुत्तों की संख्या तकरीबन एक लाख है। ये अभियान लगातार जारी रहेगा जब तक नगर के सभी कुत्तों को एंटी रेबीज वैक्सीन न लग जाये।
वैक्सीनेशन के लिए नगर निगम की वैन अलग-अलग इलाकों में वार्ड स्तर पर पहुंच रही है। टीम आवारा कुत्तों को पकड़कर उन्हें मास एंटी रेबीज वैक्सीन लगा रही है। हर वैन के साथ एक डॉग कैचर और एक वैक्सीनेशन करने वाला कर्मचारी मौजूद रहता है।
अभियान को सफल बनाने के लिए नगर निगम ने पेट लवर संस्था और विभिन्न एनजीओ से सहयोग लिया । ये संस्थाएं कुत्तों को पकड़ने और संभालने में मदद कर रही हैं। पेट लवर संस्था के लोगों को बुलाकर उनकी मदद से आवारा कुत्तों को वैक्सीन दी जा रही है।
वैक्सीनेशन हो चुके कुत्तों की पहचान के लिए नगर निगम ने खास इंतजाम किए हैं। हर कुत्ते के कान पर परमानेंट बॉडी मार्कर से निशान बना दिया गया है। इससे दोबारा टीम पहुंचने पर उन कुत्तों को वैक्सीन नहीं लगाती है।






