March 10, 2026

संवाददाता

कानपुर।  देश में कानपुर ऐसा शहर बन गया है, जहां पर नगर निगम ने सभी कुत्तों को एंटी रेबीज वैक्सीन लगाने का बड़ा अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत शहर के करीब सवा लाख से अधिक कुत्तों को टीका लगाया जाएगा। इसका मकसद है कि अगर कोई कुत्ता इंसान को काट भी ले, तो उसमें रेबीज संक्रमण न फैले।
नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.के. निरंजन ने बताया कि अभियान की समय सीमा तीन महीने तय की गई है। इस दौरान आवारा कुत्तों के साथ-साथ पालतू कुत्तों का भी वैक्सीनेशन किया जाएगा। पालतू कुत्तों को निःशुल्क वैक्सीन तभी लगेगी, जब उनका रजिस्ट्रेशन नगर निगम में होगा।
वैक्सीनेशन के लिए नगर निगम की वैन अलग-अलग इलाकों में वार्ड स्तर पर जाएगी। टीम आवारा कुत्तों को पकड़कर उन्हें मास एंटी रेबीज वैक्सीन लगाएगी। हर वैन के साथ एक डॉग कैचर और एक वैक्सीनेशन करने वाला कर्मचारी मौजूद रहेगा।
अभियान को सफल बनाने के लिए नगर निगम ने पेट लवर संस्था और विभिन्न एनजीओ से सहयोग लिया है। ये संस्थाएं कुत्तों को पकड़ने और संभालने में मदद कर रही हैं। पहले दिन ही पेट लवर संस्था के लोगों को बुलाकर उनकी मदद से आवारा कुत्तों को वैक्सीन दी गई।
वैक्सीनेशन हो चुके कुत्तों की पहचान के लिए नगर निगम ने खास इंतजाम किए हैं। हर कुत्ते के कान पर परमानेंट बॉडी मार्कर से निशान बनाया जाएगा। इससे दोबारा टीम पहुंचने पर यह आसानी से पता चल सकेगा कि उस कुत्ते को टीका लगाया जा चुका है।
पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि शहर में कुत्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नगर निगम ने पहले ही दो नसबंदी केंद्र शुरू किए हैं। नियम के अनुसार कुत्तों को उनके मूल स्थान से हटाया नहीं जा सकता, इसलिए अब उन्हें वहीं पर नसबंदी और एंटी रेबीज वैक्सीन दी जा रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, रेबीज संक्रमण बेहद खतरनाक और जानलेवा बीमारी है। यदि कुत्ता वैक्सीनेटेड हो तो उसके इंसान को काटने के बाद भी संक्रमण फैलने का खतरा लगभग खत्म हो जाता है। यही कारण है कि कानपुर में यह ऐतिहासिक पहल की गई है।