February 21, 2026

संवाददाता 

कानपुर। बार एसोसिएशन अध्यक्ष पद पर चुनाव जीतने के बाद योगेन्द्र कुमार अवस्थी मां से मिलने हॉस्पिटल पहुंचे। यहां मां को गले लगाया। वह भावुक हो गए और रोने लगे। उन्होंने कहा कि मां के आशीर्वाद से ही उन्हें चुनाव में जीत मिली है।
इसके साथ ही उनकी टीम ने बगैर चुनाव प्रचार किए ही उन्हें जीत दिलाई है। वह चुनाव प्रचार के दौरान अस्पताल में मां की सेवा में डटे थे और उनकी टीम कचहरी से लेकर जनसभा तक उनके लिए वोट मांग रही थी।
नवाबगंज में रहने वाले कानपुर बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार अवस्थी की मां मुन्नी देवी अवस्थी 84 साल की हैं। लल्लन के भाई ज्ञानेन्द्र अवस्थी ने बताया कि उनकी मां आंगन में कुछ दिन पहले गिर गईं थीं।
इस वजह से उन्हें ब्रेन हैमरेज हो गया था। इसके बाद से वह स्वरूप नगर के मधुराज हॉस्पिटल में एडमिट हैं। मां की तबियत ठीक नहीं होने के चलते दोनों भाई बार एसोसिएशन के चुनाव में प्रचार नहीं कर सके। उन्होंने बताया कि मां के आशीर्वाद से उन्हें जीत मिली है।
चुनाव प्रचार दोनों भाई नहीं कर सके, लेकिन उनके अधिवक्ता साथी रात-दिन जी जान से चुनाव प्रचार में लगे रहे। इसी का नतीजा है कि उन्हें बार एसोसिएशन चुनाव में जीत मिली है। चुनाव जीतने के बाद सीधे हॉस्पिटल पहुंचे और मां को गले लगाया।
इस दौरान वह इतना भावुक हो गए कि अपने आंसू रोक नहीं सके। इस दौरान बीमार मां ने भी हाथ बढ़ाकर लगे लगाया। मां से मिलने के बाद श्री आनंदेश्वर मंदिर परमट में दर्शन करने के बाद देर रात घर पहुंचे।
लल्लन अवस्थी ने बताया कि उन्होंने अपना अध्यक्ष पद पर नामांकन करा लिया था, इसके बाद मां को आंगन में गिरने से ब्रेन हैमरेज हो गया। उन्होंने चुनाव को प्राथमिकता नहीं दी, बल्कि मां की सेवा में दोनों भाई चुनाव प्रचार छोड़कर डटे रहे। वकील साथियों ने उनका भरपूर साथ दिया और उनकी इस मुसीबत की घड़ी में साथ दिया और चुनाव प्रचार में डटे रहे। 

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