January 27, 2026

संवाददाता
कानपुर।
शहर में नशे वाले कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध बिक्री में फरार चल रहे 50 हजार के इनामी अग्रवाल ब्रदर्स के मालिक विनोद अग्रवाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। नवंबर महीने में कलक्टरगंज थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद से यह फरार चल रहे थे।
पुलिस ने उनको हरियाणा के महेंद्रगढ़ से गिरफ्तार किया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद से विनोद अग्रवाल ने हरियाणा में किराए के मकान में अपना ठिकाना बना रखा था। पुलिस ने सर्विलांस की मदद से उनको गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
11 नवंबर 2025 को लखनऊ से खाद्य एवं औषधि आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने आकर बिरहाना रोड स्थित इनकी फर्म पर छापा मारा था। छापेमारी के दौरान फर्म से सिरप की बिक्री के दस्तावेज नहीं मिले थे। इसके अलावा फर्म मालिक मौके से गायब हो गए थे।
छापेमारी में यह सामने आया था कि कोडीन युक्त कफ सिरप की सप्लाई कई राज्यों में की जा रही थी। छापे में बड़ी मात्रा मे कोडीन युक्त कफ सिरप के साथ साथ ट्रामाडोल भी मिली थी। जिसकी बिक्री के दस्तावेज नहीं मिलने पर फर्म को तत्काल सीज किया गया था।
इसके अलावा मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच में इनके बेटे शिवम अग्रवाल के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया था। हालांकि वह अभी फरार है।
पुलिस ने बताया कि अभियुक्त द्वारा औषधियों के अवैध क्रय-विक्रय,भंडारण व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर परिवहन कर कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से साक्ष्यों से छेड़छाड़ एवं सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का अपराध किए जाने के साक्ष्य पाए गए है। अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि कोडीन युक्त कफ सिरप की सप्लाई उन राज्यों व देशों में की जा रही थी। जहां पर शराब प्रतिबंधित है। सूत्रों ने बताया कि अग्रवाल ब्रदर्स के जरिए बिहार व नेपाल में कोडीन वाला कफ सिरप भेजा जा रहा था। जांच में सामने आया है कि तीन से चार लाख सिरप की शीशियों को बेचा गया है।