
• दो महीने पहले से रिस रहा है पानी।
संवाददाता
कानपुर। नगर के हर्ष नगर निवासी राहुल ने बताया कि इस सड़क से दो महीने से पानी रिस रहा था, आए दिन सड़क धंस जाती थी। नगर निगम वाले उसके ऊपर मिट्टी डाल के चले जाते थे। आज इतना भयानक गड्डा इस लिए हुआ है। क्योंकि पानी रिस रहा था। लेकिन आज एक दम करीब 50 फिट लंबाई और 25 फिट गहराई में सड़क धस गई।
ये दर्द केवल राहुल का नहीं है। राहुल जैसे करीब 25 परिवारों का है। अब यहां के लोगों को अपने मकान में रहने से डर लग रहा है। कहीं उनका मकान न धंस जाए।
हर्ष नगर के रहने वाले अजय कुमार बताते है इस सड़क पर करीब दो महीने से पानी रिस रहा था, रोज गड्डा हो जाता था। नगर निगम वाले रोज आते थे मिट्टी डाल के चले जाते थे। फिर सड़क धस जाती थी। आए दिन यहां पर ई रिक्शे पलटते थे।
हम लोग यहां पर हर रोज दो महीने से धूल मिट्टी खा रहे है बैठ के। नगर निगम वालों को बोलते थे, कहते है सही हो जाएगा, लेकिन आज एक बड़ा हादसा होने से टल गया, और पूरी सड़क धस गई।अधिकारियों ने कोई सुनवाई नहीं की।
हर्ष नगर के रहने वाले राहुल बताते है। इस सड़क पर ब्रह्म नगर चौराहे से बड़ी ईदगाह चौराहे तक जाती है। यहां पर पानी का रिसाव काफी समय से हो रहा है। सड़क धस जाती थी। नगर निगम के लोग मिट्टी डाल के चले जाते थे। पानी का रिसाव बंद नहीं हुआ। आज अचानक से इतना गहरा गड्डा हो गया। ये जबरदस्त पानी का रिसाव इस लिए हो रहा है।
जब हम लोगों ने काफी कहा कि हम लोगों के मकान भी गिर जाएंगे। यहां पर करीब 5 -6 मकान तो धसी हुई सड़क की जद में है। मेरे देखते हुए एक छोटा सा गड्डा था। मेरे देखते हुए इतना बड़ा गड्डा हो गया। अगर इस गड्डे की बात करें तो इस गड्डे की गहराई 25 फिट और लंबाई लगभग 50 फिट के आसपास है।
दो महीने से लगातार सड़क धस रही है। क्योंकि पाइप लाइन फटी हुई है। इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा था। पानी रिस रहा था कोई देखने वाला नहीं था। यहां का पूरा रोड प्रभावित है। करीब 20 -25 घर प्रभावित है। करीब दो महीने से पानी रिस रहा था। यहां कोई सुनवाई नहीं हो रही है। आज इस लापरवाही की वजह से इतना बड़ा गड्डा हो गया।
क्षेत्रीय नागरिक सुनील तिवारी ने बताया कि हम रोज यहां से आवागमन करते है। पहले यहां पर सड़क कम धसी हुई थी। यहां पर हर रोज जाम लगता था। जब यहां के लोगों ने इसकी शिकायत की तो कोई सुनवाई नहीं हुई। सुबह जब यहां मैं आया था, तब थोड़ी सी धंसी हुई थी। लेकिन अब शाम होते होते इतना बड़ा गड्डा हो गया।
जब यहां से राज्य मंत्री जी का काफिला निकल रहा था, तो यहां पर भयानक जाम लगा हुआ था। एक गाड़ी बच गई, जैसे तैसे लोगों ने एक गाड़ी को हटाया नहीं तो वो गड्ढे में चली जाती। ये 20 फिट का गड्डा हुआ है। यहां से मकान की नीव केवल 2 फिट बची है। अगर मकान गिर जाएगा तो इसकी कोई भी देख रेख करने वाला नहीं है।
श्रमिक संजय बताते है हम यहां गाड़ी के कारीगर है, आज हम लोगों की 30 से 40 दुकाने बंद रही। क्योंकि गाड़ियां आ नहीं पा रही थी। चाहे किसी भी दल का कोई भी नेता हो, लेकिन गरीबों की कोई सुनने वाला नहीं है। इस गड्डे के होने से आज एक स्कूली बस बच गई। एक महीने से ये सड़क हर रोज धसती है लेकिन नगर निगम वाले केवल मिट्टी डाल के काम चला रहा है।
जलकल विभाग के सहायक अभियंता रविकांत सिंह ने बताया इसके पास एक डाट है जो डैमेज पाई गई। जिसकी वजह से पूरी सड़क बैठ गई है। जहां तक रिसाव की बात है उसकी कोई भी सूचना नहीं मिली थी।






