
संवाददाता
कानपुर। सेंट्रल स्टेशन पर 18 यात्री लिफ्ट में फंस गए। रोने और चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर यात्रियों ने लिफ्ट का दरवाजा तोड़कर फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला। कोई भी रेलवे कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।
इस दौरान अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। फंसे हुए यात्री भी लिफ्ट से बाहर निकलने के बाद बगैर कोई शिकायत किए वहां से चले गए।
कानपुर सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 और 3 पर बनी लिफ्ट में 18 यात्री सवार हुए। इसके बाद लिफ्ट बंद हो गई। बटन दबाने के बाद भी लिफ्ट ऊपर-नीचे नहीं आई गई। इसके बाद उसके अंदर मौजूद लोग परेशान हो गया।
टेक्निकल गड़बड़ी के चलते लिफ्ट खुली भी नहीं तो वे घबरा गए। करीब 5 मिनट तक बंद रहने के चलते यात्री चीखने-चिल्लाने लगे। इसके बाद बाहर मौजूद अन्य यात्रियों ने किसी तरह लिफ्ट का दरवाजा तोड़ दिया। लिफ्ट का दरवाजा टूटने के बाद सभी यात्री बाहर आ गए।
इस दौरान कोई भी रेलवे का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। जीआरपी के दो सिपाही जरूर मौके पर पहुंचे और लोगों की मदद की।
स्टेशन सुप्रीटेंडेंट अवधेश द्विवेदी ने कहा कि लिफ्ट की क्षमता 15 यात्रियों की है। इसमें 18 यात्री फंस नहीं सकते हैं। यात्रियों ने ओवरलोड होने के बाद उसमें कुछ तकनीकी छेड़खानी की है। इस वजह से लिफ्ट बंद हो गई होगी। रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हुए लिफ्ट का दरवाजा तोड़ा गया है। दरवाजा तोड़ने वालों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। पूरे मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है।






