संवाददाता।
कानपुर। उत्तर प्रदेश के मथुरा में मंगलवार को बांके बिहारी मंदिर के पास दो मंजिल मकान का बड़ा हिस्सा गिर गया। मलबे में 11 श्रद्धालु दब गए। इसमें से 5 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल 6 श्रद्धालुओं को अलग-अलग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि बांके बिहारी मंदिर के पास स्थित दो मंजिला मकान का ऊपरी हिस्सा काफी जर्जर हो गया था। यहां बंदर लड़ रहे थे। तभी मकान का ऊपरी हिस्सा भरभराकर गिर गया, जिससे नीचे से गुजर रहे 11 श्रद्धालु दब गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने रेस्क्यू कर कर घायलों को अस्पताल भेजा। हादसा वृंदावन कोतवाली क्षेत्र में बांके बिहारी मंदिर से महज 100 मीटर दूर स्थित स्नेह बिहारी जी मंदिर के पास हुआ। यहां पर दोसायत मोहल्ले में विष्णु शर्मा पुराना दो मंजिला मकान है। इसी का ऊपरी हिस्सा श्रद्धालुओं पर गिरा है।
हादसा करीब शाम साढ़े 5 बजे हुआ। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि जिस समय हादसा हुआ, उस समय गली में लगभग 60 श्रद्धालु मंदिर की ओर जा रहे थे। तभी एक कार गली में आ गई। जिससे भीड़ रुक गई। इसी दौरान मकान का ऊपरी हिस्सा गिर गया। रास्ते से निकल रहे श्रद्धालु मलबे में दब गए। हादसा देख मौके पर चीख पुकार मच गई। आसपास के लोग भागकर पहुंचे। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। मलबे में दबे लोगों को रेस्क्यू करके बाहर निकाला गया। उन्हें तत्काल एंबुलेंस की मदद से सौ शैय्या अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद कानपुर के अरविंद यादव, गीता कश्यप, रश्मि गुप्ता, देवरिया के चंदन राय और पंजाब की अंजू को मृत घोषित कर दिया। जबकि 6 लोगों का गंभीर हालत में इलाज चल रहा है। वहीं, एसएसपी शैलेश पांडेय ने बताया कि नगर निगम की टीम मौके पर मौजूद है। मलबा हटाया जा रहा है। मकान का जो पोर्शन और डेंजरस है, उसको भी हटाया जा रहा है। दो दिन पहले यानी रविवार को बांके बिहारी मंदिर में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी ज्यादा थी कि मंदिर के सभी रास्ते ब्लॉक हो गए थे। 2 किलोमीटर लंबी लाइन लग गई। यही नहीं, भक्तों को 100 मीटर आगे बढ़ने में 2 घंटे से ज्यादा का वक्त लग गया। इसकी वजह से शहर के लोग घरों में कैद हो गए। ऐसे में अगर यह घटना उस समय होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। प्रशासन की गलती से हुआ हादसा क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि भीड़भाड़ वाले एरिया में कई इमारते जर्जर हैं, जो कभी भी ढह सकती हैं। बावजूद प्रशासन इसकी अनदेखी कर रहा है। जर्जर इमारतों के खिलाफ अगर प्रशासन ने एक्शन लिया होता तो आज यह हादसा न होता। प्रशासन की लापरवाही के ही चलते आज हादसे में 5 लोगों को जान गंवानी पड़ी।






