January 22, 2026

संवाददाता।
कानपुर। नगर में गोविंदनगर थाना क्षेत्र के सिंधी अस्पताल में शनिवार रात इंजेक्शन लगने के बाद एक 8 महीनों की गर्भवती महिला की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गलत इंजेक्शन लगाकर जान लेने का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। रविवार सुबह अस्पताल के बाहर रोड जाम कर दी। परिजनों के मुताबिक, ऑपरेशन थिएटर में महिला के मुंह, आंख और कान से खून निकलता देख डॉक्टर और पूरा स्टाफ अस्पताल छोड़कर भाग गए। हंगामे की सूचना पर गोविंदनगर एसीपी संतोष कुमार सिंह तीन थानों की फोर्स के साथ पहुंचे। परिजन डॉक्टर की गिरफ्तारी और अस्पताल को सीज करने की मांग कर रहा है। औरैया के दिबियापुर निवासी विशाल बिश्नोई ग्राम पंचायत में डीपीएम पद पर तैनात हैं। उनकी शादी 31 मई 2022 को गोरखपुर निवासी वर्षा विश्नोई (28 वर्ष) से हुई थी। वर्षा 8 माह की गर्भवती थी, जिसका इलाज सिंधी हॉस्पिटल में डॉ. रेनू भाटिया की देखरेख में चल रहा था। वर्षा की ननद पूजा ने बताया कि डॉक्टर ने डिलीवरी की डेट 21 जुलाई दी थी। शनिवार सुबह रूटीन चेकअप पर दिखाने आए थे। डॉ. रेनू भाटिया के न होने पर डॉ. नीति सहगल ने जांच की। कहा कि बच्चा पेट पर मूवमेंट नहीं कर रहा है, जिसके कारण इनको भर्ती करना पड़ेगा। डॉक्टर के कहने पर भर्ती कर दिया। रात करीब 8 बजे डॉक्टर वर्षा को ऑपरेशन थिएटर में ले गई। रात 10 बजे कहा कि मरीज की हालत बिगड़ गई है। इन्हें रीजेंसी हॉस्पिटल ले जाएं। पूजा गुप्ता का आरोप है कि थोड़ी देर बाद सभी डॉक्टर ऑपरेशन थिएटर से गायब हो गए। विशाल विश्नोई जब अंदर गए तो देखा कि वर्षा के आंख, कान और मुंह से खून निकल रहा था। उसकी जान जा चुकी थी।परिजनों का आरोप है कि वर्षा का पूरा शरीर नीला पड़ चुका था। डॉक्टरों ने कोई गलत इंजेक्शन लगा दिया है, जिसके कारण उसकी जान गई है। परिजनों की मांग है कि डॉक्टरों की गिरफ्तारी की जाए, हॉस्पिटल को सीज किया जाए और पैनल से पोस्टमॉर्टम हो। इसके बाद हम लोग अस्पताल से हटेंगे। घटना के बाद पूरा स्टाफ मौके से भाग गया, जिसके चलते अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों की भी हालत बिगड़ गई। वर्षा के परिजनों का गुस्सा देख अस्पताल में कोई भी स्टाफ आने को तैयार नहीं हो रहा है। मृतका वर्षा के पति विशाल विश्नोई की तहरीर पर गोविंद नगर पुलिस ने डॉ. नीति सहगल समेत अस्पताल के अन्य स्टाफ पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर पर मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं की है, जब तक गिरफ्तारी नहीं होती तब तक हम लोग अस्पताल से नहीं हटेंगे। 

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