संवाददाता।
कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर और इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया ने शुक्रवार को शैक्षणिक सहयोग के सामान्य क्षेत्रों में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने, आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान करने के लिए अकादमिक सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। एमओयू पर कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक और आईसीएसआई के केंद्रीय परिषद सदस्य सीएस सुरेश पांडेय ने डॉ अनिल यादव, रजिस्ट्रार सीएसजेएमयू, प्रोफेसर सुधांशु पांडिया (डीन प्रशासन), प्रोफेसर अंशू यादव निदेशक, व्यवसाय प्रबंधन की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए। एमओयू- पाठ्यक्रम विकास, अनुसंधान पहल, संकाय विनिमय कार्यक्रम और संयुक्त सेमिनार और सम्मेलन आयोजित करने सहित विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग की सुविधा प्रदान करेगा । यह सहयोग सीएसजेएम विश्वविद्यालय के छात्रों को आईसीएसआई के संसाधनों, विशेषज्ञता और उद्योग अंतर्दृष्टि तक पहुंच के माध्यम से कॉर्पोरेट प्रशासन, कानूनी अनुपालन और कॉर्पोरेट सचिवीय प्रथाओं की अपनी समझ बढ़ाने के अद्वितीय अवसर प्रदान करेगा। यह सहयोग दोनों संस्थानों को कंपनी सचिवीय प्रथाओं के क्षेत्र में कुशल और सक्षम पेशेवरों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने में सक्षम बनाएगा। समारोह के दौरान प्रमुख घोषणाओं में से एक यह है कि सीएस पेशेवर को प्रबंधन और वाणिज्य में पीएचडी की अनुमति दी जाएगी। प्रोफेसर विनय कुमार पाठक कुलपति सीएसजेएम विश्वविद्यालय ने साझेदारी पर अपने विचार साझा करते हुए कहा, “हमें आईसीएसआई के साथ सहयोग करके खुशी हो रही है। यह एमओयू शैक्षणिक और व्यावसायिक विकास को बढ़ावा देने के लिए हमारी संयुक्त प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे अंततः छात्रों और उद्योग को बड़े पैमाने पर लाभ होगा। युवा सीएस प्रोफेशनल को देश के विकास के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिजनेस एनालिटिक्स और डेटा साइंस पर भी काम करना होगा। सीएस वैभव अग्निहोत्री, अध्यक्ष कानपुर चैप्टर, सीएस राकेश श्रीवास्तव, आईसीएसआई के सदस्य एवं सीएसजेएम विश्वविद्यालय के डॉ प्रवीण अग्रवाल और डॉ मोहित कुमार भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।