
संवाददाता
कानपुर। नगर के ‘द स्पोर्ट्स हब’ के ईडब्ल्यूएस बैच के खिलाड़ियों ने इस बात को एक बार फिर सच कर दिखाया है कि अगर हौसलों में उड़ान हो, तो अभाव भी कामयाबी का रास्ता नहीं रोक सकते। 55वीं केवीएस रीजनल स्पोर्ट्स मीट-2026 में टीएसएच के जूडो खिलाड़ियों ने अपनी तकनीक और ताकत के दम पर पदक जीतकर शहर का मान बढ़ाया है।
केवी नंबर 1, चकेरी में आयोजित इस जूडो चैंपियनशिप में क्षेत्र के कई बेहतरीन खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। कड़े मुकाबलों के बीच टीएसएच की प्रत्यूषी सोनकर ने अपने विरोधियों को मात देते हुए रजत पदक पर कब्जा जमाया। प्रत्यूषी ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन फुटवर्क और तकनीक का प्रदर्शन किया।
वहीं, लड़कों के वर्ग में शौर्य सोनकर ने भी शानदार खेल दिखाया। शौर्य ने कड़े संघर्ष वाले मुकाबलों के बाद कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इन दोनों खिलाड़ियों की जीत ने साबित कर दिया कि सही मार्गदर्शन मिले तो हुनर किसी भी परिस्थिति में निखर सकता है।
ये दोनों खिलाड़ी टीएसएच के उस विशेष बैच का हिस्सा हैं, जहाँ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं और निशुल्क ट्रेनिंग दी जाती है। इन बच्चों के पास कभी संसाधनों की कमी थी, लेकिन आज उनके पास मेडल हैं। टीएसएच में मिलने वाली प्रोफेशनल कोचिंग और नियमित अभ्यास का ही नतीजा है कि आज ये खिलाड़ी क्षेत्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी धाक जमा रहे हैं।
टीएसएच की ओर से दी जा रही ट्रेनिंग केवल खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और अनुशासन पर भी काम किया जा रहा है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि ईडब्ल्यूएस बैच के बच्चों में जीतने की ललक अधिक होती है। प्रत्यूषी और शौर्य की यह सफलता न केवल उनकी मेहनत का परिणाम है, बल्कि टीएसएच के उस विजन की जीत है जो हर वर्ग के प्रतिभाशाली बच्चे को चैंपियन बनने का सपना दिखाता है।






