April 28, 2026

संवाददाता
कानपुर। हत्यारे पिता शशिरंजन ने अपनी जुड़वां बेटियों के कत्ल के लिए चापड़ और हथौड़ा मूलगंज से खरीदा था।
पुलिस की पूछताछ में उसने कबूला कि मैं अपनी जुड़वां बेटियों का चापड़ से गला रेतना चाहता था, लेकिन मैं अपनी बच्चियों को जान से ज्यादा प्यार करता था।
उन्हें इस तरह से गला रेतने की हिम्मत नहीं बना सका। अगर उनका गला काटता तो वह बहुत तड़पती। इसलिए मैंने उन्हें एक झटके में मारने की ठानी। बच्चियों को बेहोश करने के बाद मैंने उनके गर्दन में चापड़ रखी। एक झटके में हथौड़े से एक के बाद एक चापड़ से ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिए। मैं बच्चियों को इस हालत में नहीं देख सकता था, इसलिए हथौड़ा चलाने से पहले मैंने अपनी आंखें बंद कर ली थी।
किदवई नगर में रविवार तड़के 45 साल के शशि रंजन मिश्रा ने अपनी 11 साल की जुड़वां बेटियों की गला रेतकर हत्या कर दी थी ।
उसके पड़ोसियों ने बताया- शशिरंजन आए दिन शराब पीकर पत्नी से झगड़ा करता था। आसपास के लोगों को गाली देता था।
इस वजह से फ्लैट मालिक विवेक गुप्ता शशिरंजन को निकालना चाहते थे। पड़ोसियों ने बताया कि कुछ महीने पहले शशिरंजन नशे में अपनी स्पोर्ट्स बाइक से अपार्टमेंट पहुंचा। अंदर खड़ी कार में बाइक से टक्कर मार दी, जिससे कार डैमेज हो गई थी।
इस पर कार मालिक और दूसरे अपार्टमेंट के लोगों ने डंडा और बेल्ट लेकर जमकर पीटा। शशिरंजन ने कपड़े भी निकाल दिए, इसके बाद लोगों ने शशिरंजन को अपार्टमेंट से बाहर निकलवा दिया था।
नशे में हुए विवाद के बाद रेशमा बेटियों को नौकरानी के पास छोड़कर खुद बेटे को लेकर पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में मायके के लिए निकल गई थी। जाते समय गार्ड प्रमोद नारायण दीक्षित को एक हजार रुपए दिए। कहा कि जब मैं ट्रेन में बैठ जाऊं, तब शशिरंजन को कॉल कर बता देना कि हमेशा के लिए छोड़कर मायके जा रही हूं, हालांकि नौ महीने बाद रेशमा वापस आ गई थी।
अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों ने बताया कि शशिरंजन नशेबाज जरूर था, लेकिन अपनी जुड़वां बेटियों को बहुत प्यार करता था। पड़ोसियों के मुताबिक, जब रेशमा अपनी दोनों बेटियों को छोड़ कर 9 महीने के लिए मायके चली गई थी, तब शशिरंजन बेटियों की हर छोटी-बड़ी ख्वाहिश का ख्याल रखता। उन्हें समय से तैयार कर स्कूल छोड़ने जाता।
बेटियां अकेली रहेंगी, इसलिए जल्दी घर भी आ जाता था। पिता के साथ मां का भी फर्ज निभाता रहा। हालांकि इसके बाद उसने जो किया वह एक बाप कभी भी नहीं कर सकता।
शशिरंजन के फ्लैट के कमरे और बाहर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। आरोपी ने जिस बेडरूम में 11 वर्षीय जुड़वां बेटियों की हत्या की, उसमें 3 कैमरे लगे हैं। एक कैमरे में शशिरंजन सिद्धि का गला दबाते कैद भी हो गया है।
पुलिस के बारीकी से फुटेज जांचने पर यह जानकारी सामने आई। नौबस्ता इंस्पेक्टर बहादुर सिंह के मुताबिक, इस फुटेज को विवेचना में शामिल किया गया। जो उसे कड़ी सजा दिलाने में मजबूत साक्ष्य के रूप में साबित होगी।
इंस्पेक्टर बहादुर सिंह ने बताया कि घर में लगे सीसीटीवी कैमरे की शुरुआत में डीवीआर जांची गई तो कमरे की फुटेज में कुछ भी स्पष्ट नहीं दिखा था, हालांकि एक अन्य कैमरे की फुटेज खंगाली गई तो आरोपी शशिरंजन जुड़वां बेटियों में से एक सिद्धि का मुंह दबाता हुआ कैद हुआ, इसके बाद उसे जमीन पर लिटा दिया। इसी दौरान उसे बेडरूम में लगे कैमरे की याद आ गई तो उसने कमरे की लाइट बंद कर दी। कैमरे को ऊपर की ओर घुमा दिया।
फुटेज में रविवार रात 10.30 बजे शशिरंजन रिद्धि-सिद्धि को कमरे में भेजता नजर आ रहा है, इसके बाद रेशमा ने भी अपना कमरा बंद कर लिया, हालांकि वह खुद कमरे में नहीं गया। फ्लैट के ड्राइंग एरिया में पड़े दीवान में बैठते और लेटते हुए नजर आया।
इस दौरान दो बार रेशमा भी बाहर आई, जिस पर उसने बात करने का बहाना बनाते हुए कान में अपना मोबाइल लगा लिया, हालांकि जब पुलिस ने मोबाइल की कॉल डिटेल जांची तो उस दौरान वह किसी से बात नहीं कर रहा था। 12.48 बजे वह कमरे में चला गया। इसके बाद पहली बेटी की हत्या कर दी।
पुलिस को मिले सीसीटीवी कैमरों में 2.15 बजे शशिरंजन बेटी रिद्धि को टॉयलेट कराने के लिए बाहर निकलता नजर आया है। इस दौरान रिद्धि खुद चलकर जाती हुई दिख रही है। रिद्धि टॉयलेट के अंदर जाती है तो शशिरंजन बाहर खड़ा हो जाता है।
इसके 3 मिनट बाद वापस कमरे में जाता हुआ दिख रहा है। बेटी को देख कर ऐसा नहीं लग रहा कि उसे पहले नशीली गोलियां खिलाई गई हैं। इंस्पेक्टर बहादुर सिंह ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से ऐसा प्रतीत नहीं हो रहा है। बिसरा रिपोर्ट आने पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
त्रिमूर्ति अपार्टमेंट के सामने स्थित जिस स्कूल में जुड़वां बहनें रिद्धि-सिद्धि पढ़ती थीं, वहां की क्लास टीचर ने बताया कि दोनों बहनें पढ़ने में तेज थीं। इसके साथ ही खेल की सभी प्रतियोगिताओं में भाग लेती थीं। कभी ऐसा नहीं हुआ कि दोनों अपना होमवर्क पूरा कर स्कूल न आई हों। जब दोनों की मां छोड़ कर मायके चली गई थीं, उस समय भी उनका होमवर्क पूरा रहता था।
दोहरे हत्याकांड के बाद पीड़ित मां रेशमा ने अब कानपुर छोड़ पश्चिम बंगाल लौटने का फैसला किया है। पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी के कलिम्पोंग निवासी रेशमा के भाई बाल बहादुर और बहन हेमा छेत्री शहर पहुंचे। दोनों को देखकर रेशमा फूटकर रोने लगी। बहन ने ढांढस बंधाया और इस मुश्किल घड़ी में सहारा बनने का भरोसा दिया।
भाई ने बताया कि पश्चिम बंगाल में जल्द ही मतदान होना है, इसलिए वे एक-दो दिन रुक कर लौट जाएंगे। हालांकि 15 दिन बाद दोबारा कानपुर आएंगे और रेशमा को अपने साथ ले जाएंगे। परिजनों के मुताबिक, घटना के बाद से वह गहरे सदमे में हैं और लगातार बच्चियों को याद कर रही हैं।
फ्लैट में हर कोना उसे भयावह रात की याद दिलाता है, इसलिए उसने वहां न रहने का फैसला लिया है। अब उनकी प्राथमिकता रेशमा को इस माहौल से दूर ले जाकर संभालना है। गांव का शांत वातावरण और अपनों का साथ ही उसे इस गहरे दुख से उबरने में सहारा दे सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News